यूएस नगर में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से रुद्रपुर शहर में ‘वन स्टाफ सेंटर फॉर वूमेन’ की सेवा शुरू की जाएगी। रोचक बात यह है कि इस विभाग में सभी पदों पर महिला अधिकारियों को ही तैनात किया जाएगा। इससे महिलाओं को उनकी व्यथा बताने में कोई मुश्किल नहीं आएगी। महिला की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि रुद्रपुर में निर्भया प्रकोष्ठ की स्थापना पहले से हो चुकी है, लेकिन इसमें कार्य करने वाले अधिकतर पुरुष कर्मचारी हैं।
अमर उजाला से बात करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि नेशनल ब्यूरो ऑफ क्राइम की ओर से देश भर में महिलाओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील समझे जाने वाले 200 जिलों का सर्वे कराया गया था। इसमें यूएस नगर को भी महिलाओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील जिलों में रखा गया है। इसके तहत यूएस नगर में वन स्टाफ फॉर वूमेन खोलने की योजना बनाई गई है। मिश्रा ने बताया कि विभाग की ओर से सेंटर खोलने के लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
रुद्रपुर में स्थापित निर्भया प्रकोष्ठ विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पिछले दो सालों में विभाग में 80 से अधिक महिलाओं द्वारा उन्हें प्रताड़ित करने के मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें बलात्कार, एसिड अटैक, छेड़छाड़ के गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि निर्भया प्रकोष्ठ में महिलाओं से संबंधित शिकायतेें सुनीं तो जाती हैं, लेकिन एफआईआर और मेडिकल जांच के लिए महिलाओं को संबंधित विभाग में जाना पड़ता है। जहां कई बार महिलाओं को हीन भावना का शिकार तो होना पड़ता है वहीं समाज के भय के चलते शर्म भी महसूस होती है।
वहीं अगर कोई महिला शिकायत लेकर वन स्टाफ सेंटर फॉर वूमेन में आती है तो उसके बाद उस महिला को किसी और कार्रवाई के लिए अन्य विभागों में नहीं जाना पड़ेगा। वन स्टाफ सेंटर फॉर वूमेन में तैनात महिला अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा ही पीड़ित महिला के बयान और मेडिकल जांच की जाएगी। इसके साथ ही सेंटर में महिला डॉक्टर द्वारा पीड़ित महिला को उपचार देने की सुविधा भी होगी।
इधर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि सेंटर के लिए भूमि तो चिन्हित करके केंद्र सरकार को भेज दी गई है। इसमें लंबी प्रक्रिया लगेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए विकास भवन में बने खाली कमरों में सेंटर को खोलने की योजना बनाई जा रही है।
। किसी जगह अचानक असुरिक्षत महसूस होने पर महिलाओं को तुरंत सुरक्षा देने के लिए भी सुविधा होगी। इसमें 181 टोल फ्री नंबर की सुविधा होगी। टोल फ्री नंबर पर किसी महिला द्वारा कॉल करने पर इसकी घंटी रुद्रपुर कार्यालय में बजेगी। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी अन्य शहर के संबंधित थाने से संपर्क करके मुसीबत में फंसी महिला को सुरक्षा प्रदान कराएगी। इस नंबर को सीएम हरीश रावत 22 नवंबर को देहरादून में लांच कर चुके हैं।
वन स्टाफ सेंटर फॉर वूमेन में सौ फीसदी महिलाओं को ही तैनाती दी जाएगी। इससे जिले में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं महिलाओं के प्रति होने वाली आपराधिक घटनाओं में भी काफी हद तक गिरावट आएगी। भविष्य में सेंटर में कार्य करने वाली महिलाओं को समाज में पुरुषों से बराबरी का अधिकार भी मिलेगा।
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पिछले दो सालों में निर्भया प्रकोष्ठ में दर्ज मामले
एसिड अटैक- 04
बलात्कार - 26
घरेलू हिंसा- 32
छेड़छाड़ 15
दहेज प्रताड़ना 22
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