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Udham Singh Nagar News: सीएससी में चल रहा था फर्जीवाड़ा, पटवारी-कानूनगो समेत कई अन्य अफसरों की मुहरें मिलीं

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गूलरभोज में सीएससी सेंटर का निरीक्षण करतीं एसडीएम। संवाद
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रुद्रपुर/गूलरभोज। हल्द्वानी के बनभूलपुरा में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले का खुलासा होने के बाद ऊधमसिंह नगर में भी अभियान चलाया गया। एसडीएम और तहसीलदार ने गूलरभोज के दो सीएससी की तलाशी ली तो एक में पटवारी और कानूनगो की तीन मुहरें मिलीं। साथ ही एसडीएम की नोटरी की मुहर भी बरामद हुई। अनियमितताएं मिलने पर सीएससी को सील कर दिया गया है जबकि दूसरे संचालक को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
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बुधवार दोपहर गदरपुर एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार लीना चंद्रा धामी गूलरभोज के नई बस्ती स्थित विश्वास ऑनलाइन सर्विस सेंटर पर जांच के लिए पहुंचीं। सेंटर से एसडीएम की मुहर लगा एक खाली पेपर, पटवारी और कानूनगो सहित तीन अन्य की मुहरें और बिजली के पुराने बिल बरामद हुए।
केंद्र पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं करने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। केंद्र पर अन्य कई अनियमितताएं पाई गईं। संचालक कमलेश विश्वास कोई संतुष्ट उत्तर नहीं दे सका जिस पर केंद्र को सील कर दिया गया।
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इसके बाद टीम मुख्य बाजार स्थित देवभूमि जन सेवा केंद्र पर पहुंची और अभिलेखों की जांच की। अनियमितताएं नहीं मिलने पर केंद्र संचालक रवि पाठक को फर्जी दस्तावेज नहीं बनाने की हिदायत दी गई। टीम में पटवारी इंदु भट्ट, जितेंद्र सैनी आदि मौजूद रहे।
फर्जी स्थायी और जन्म प्रमाणपत्र बनाए

जिस सेंटर पर छापा मारा गया, वहां फर्जी स्थायी निवास, जाति प्रमाणपत्र और जन्म प्रमाणपत्र बनाने का खेल चल रहा था। सेंटर पर 100 से अधिक बिजली के बिल पाए गए। इन बिल के आधार पर ही सेंटर का संचालक ऑनलाइन दस्तावेज बनाने के लिए आवेदन करता था। बिल में नाम सही होने पर पटवारी व कानूनगो आवेदन स्वीकृत कर देते थे जिससे फर्जी दस्तावेज बनकर तैयार हो जाते थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि पटवारी और कानूनगो को भौतिक सत्यापन करना चाहिए था।

ग्राम प्रधान की मुहर भी बनाई थी सेंटर संचालक
सीएससी सेंटर का संचालक कमलेश विश्वास ने अधिकारियों के साथ ही गांव के ग्राम प्रधान की भी फर्जी मुहर बनाकर तैयार की थी। फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए वह ग्राम प्रधान से लेकर ऊपर तक के प्रशासनिक अधिकारियों के खुद ही हस्ताक्षर भी कर लेता था। अब तक न जाने वह कितनों के फर्जी दस्तावेज बना चुका है।
आधा सामान समेटा, मुहर ले जाना भूल गया

सेंटर के संचालक ने एसडीएम के सामने कबूला कि एक दिन पहले जब गदरपुर में छापा पड़ा तो उसे एहसास हो गया था कि गूलरभोज में भी कार्रवाई होगी। मंगलवार रात को वह सेंटर से कई दस्तावेज उठाकर ले गया लेकिन मुहर भूल गया। एसडीएम को वह गुमराह करता रहा कि मुहर कहां से आई उसे नहीं पता।

सख्ती से पूछताछ होगी तो खुलेंगे कई राज
सीएससी सेंटर संचालक पर कानूनी कार्रवाई कर सख्ती से पूछताछ होगी तो कई और राज भी खुलेंगे। उसका फर्जी दस्तावेज बनाने का खेल कुछ दिनों का नहीं है। लंबे समय से वह बिजली के बिलों के जरिये दस्तावेज बना रहा था।

बाजपुर में खामियां मिलने पर दो सीएससी सील
बाजपुर। एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने क्षेत्र के सीएससी पर छापा मारा। इस दौरान खामियां मिलने पर दो सीएससी का सील कर दिया गया। इससे सीएससी सेंटर संचालकों में खलबली मच गई।
बुधवार को एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने राजस्व टीम के साथ पालिका कार्यालय के पास विधि एंटरप्राइजेज सीएससी पर छापा मारा। जांच में पता चला कि संचालक का गांव भीकमपुरी के लिए सीएससी संचालित करने का लाइसेंस है जबकि शहर में सेंटर संचालित था। खामियां मिलने पर उस सेंटर को सील कर दिया गया। इस संचालक के पास स्टांप वेल्डर का लाइसेंस एसडीएम कोर्ट परिसर का था लेकिन सेंटर पर स्टांप वेल्डर का कार्य कर रहा था। टीम ने मौके से दस्तावेज कब्जे में ले लिए।
इसके बाद एसडीएम ने गांव नंदपुर नरका टोपा में अरमान के सीएससी पर छापा मारा। इस दौरान मौके पर लोगों के पैन, आधार कार्ड, वोटर आईडी, एटीएम कार्ड, बैक पासबुक, एक ग्राम प्रशासक का लेटर पेड आदि बरामद हुए। इस पर सीएससी को सील कर दिया। एसडीएम ने बताया कि खामियां मिलने पर दो सीएससी सेंटर सील किए गए। अभियान जारी रहेगा।



सुल्तानपुर पट्टी और सितारगंज में भी की चेकिंग
सुल्तानपुर पट्टी/सितारगंज। सुल्तानपुर पट्टी में तहसीलदार देवेंद्र बिष्ट ने बुधवार को टीम के साथ नगर क्षेत्र में संचालित चार कॉमन सर्विस सेंटरों का निरीक्षण किया। टीम को सभी केंद्रों पर अभिलेख व्यवस्थित एवं नियमों के अनुरूप मिले। तहसीलदार ने बताया कि जांच में सीएचसी पर किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली। सितारगंज और नानकमत्ता के सीएससी में तहसीलदार हिमांशु जोशी ने छापा मारा। बताया कि सीएससी में बनाए जा रहे प्रमाण पत्रों की जांच की और संचालकों को मानक अनुसार कार्य करने के लिए कहा गया। संवाद
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