रुद्रपुर। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के जंगल में वनकर्मियों पर फायरिंग कर जानलेवा हमले के मामले में पांच अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। एसएसपी ने पांचों अभियुक्तों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम रखा है। मामले में छह आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं, इनमें से तीन आरोपी पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए थे।
बता दें कि छह सितंबर को पीपलपड़ाव रेंज के जंगल में सागौन की लकड़ी काट रहे तस्करों और वनकर्मियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। लकड़ी तस्करों की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में रेंजर रूपनारायण गौतम सहित चार पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए थे। गदरपुर पुलिस ने रेंजर रूपनारायण गौतम की तहरीर पर संगत सिंह, गुरमेज सिंह, सर्वजीत सिंह और कुलदीप सिंह सहित अन्य आरोपियों पर केस दर्ज किया था। घटना के बाद पुलिस ने गुरमीत और स्वर्ण को गिरफ्तार कर लिया। छह नवंबर को गदरपुर में हुई मुठभेड़ में पैर पर गोली लगने से संगत भी घायल हो गया था।
अभियुक्त संदीप, कुलदीप उर्फ किप्पी, जसविंदर सिंह उर्फ छिंदर निवासी ग्राम मढैया हट्टू केलाखेड़ा, हरजिंदर सिंह उर्फ बाबू निवासी ग्राम खुशहालपुर गदरपुर, सुरेंद्र सिंह उर्फ छेतु, करन सिंह निवासी ग्राम हरसान बाजपुर और करन सिंह निवासी सेमल हरसान पुलिस पकड़ से दूर थे।
पुलिस ने अभियुक्तों के घरों पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया था। दो फरवरी को पुलिस मुठभेड़ में जसविंदर उर्फ छिंदर गोली लगने से घायल हो गया। करन सिंह को भी पुलिस ने जेल भेज दिया। शेष पांच अभियुक्त पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तारी से बचे पांच अभियुक्त कुलदीप सिंह उर्फ किप्पी, संदीप सिंह, हरजिंदर सिंह उर्फ बाबू, सुरेंद्र सिंह उर्फ छेतु और करन सिंह पर पांच-पांच हजार का इनाम घोषित किया गया है। इन अभियुक्तों के खिलाफ कुर्की का आदेश भी न्यायालय से पुलिस को मिल चुका है।