रुद्रपुर। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है लेकिन चार्जिंग स्टेशन सिर्फ एक ही है। चार्जिंग प्वाइंट नहीं होने के कारण वाहन संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रुद्रपुर संभाग में 11317 इलेक्ट्रिक वाहन हैं। इसमें 9033 ई-रिक्शा, 1765 दोपहिया, 366 ई-कार्ट (मालवाहक) और 153 कारें हैं। इतने वाहनों के लिए नगर में केवल एक चार्जिंग स्टेशन है। यूपीसीएल से मिली जानकारी के अनुसार नगर में भारत पेट्रोलियम ने दो और इंडियन ऑयल ने एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन के लिए आवेदन किया था। भारत पेट्रोलियम ने रोडवेज बस अड्डे व कलक्ट्रेट के समीप स्थित पेट्रोल पंप तो इंडियन ऑयल ने किच्छा रोड स्थित बगवाड़ा के पास पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन के लिए आवेदन किया था।
नगर में बस अड्डे के पास स्थित भारत पेट्रोलियम के पंप पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन काम कर रहा है। शेष दो स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं हो पाया है।
यूपीसीएल के ईई राकेश कुमार ने कहा कि कलक्ट्रेट के समीप और बगवाड़ा में पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से औपचारिकता पूरी नहीं की गई है। औपचारिकता पूरी होते ही कनेक्शन दे दिया जाएगा।
22 रुपये यूनिट का खर्च
रुद्रपुर। बस अड्डे के पास स्थित भारत पेट्रोलियम के पंप संचालकों के अनुसार चार्जिंग का 22 रुपये यूनिट के हिसाब से खर्च आता है। इसके लिए वाहन संचालक को बार कोड के माध्यम से एडवांस में रकम डालनी होती है। संवाद
डीएम ने दिए हैं निर्देश
रुद्रपुर। हाल में संपन्न मासिक समीक्षा बैठक में डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने जिले में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश का कितना पालन होता है, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा। संवाद
पेट्रोलियम कंपनियां इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए कनेक्शन का आवेदन करेंगे तो प्राथमिकता के अनुसार बिजली के कनेक्शन दिए जाएंगे। -शेखर त्रिपाठी एसई यूपीसीएल