केवीएस फैक्ट्री को 48 लाख रुपये की चपत लगाकर फरार हुए आरोपी को पुलिस मुंबई से गिरफ्तार कर ले आई। आरोपी से गहन पूछताछ के बाद पुलिस जेल भेजने की कार्यवाही कर रही है। एएसपी कमलेश उपाध्याय ने टीम को डेढ़ हजार रुपये का इनाम दिया है। शनिवार को कोतवाल ओमप्रकाश शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि केवीएस फैक्ट्री के प्रबंध निदेशक देवेंद्र अग्रवाल ने बीते 29 जून को आईटीआई थाने में प्रकाश नारायण कांडपाल निवासी हरदेव निवासी 11 न्यू सेक्टर पनवेल न्यू मुंबई के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
उन्होंने कहा था कि खुद को सिविल कांट्रेक्टर बताकर कांडपाल ने फैक्ट्री से 63 लाख रुपये की 182 मीट्रिक टन सरिया खरीदी थी। उसने पहले जो चेक दिए थे, उनका भुगतान हो गया था। लेकिन बाद में 48 लाख 24 हजार 139 रुपयों का भुगतान नहीं हो सका। कोतवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना टांडा उज्जैन चौकी प्रभारी प्रहलाद सिंह को सौंपी गई थी।
पांच दिन पहले प्रहलाद के नेतृत्व में आरोपी की गिरफ्तारी को टीम मुंबई गई थी। मुंबई पुलिस की मदद से आरोपी प्रकाश नारायण कांडपाल को उसके न्यू पनवेल मुंबई स्थित घर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को मुंबई कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है। प्रकाश कुंडेश्वरी और बिलासपुर में लिए किराए के कमरों में ताला लगाकर गायब हुआ था।
एसआई प्रहलाद ने बताया कि प्रकाश ठगी से खरीदा गया सरिया मुंबई में एक हाउस सोसायटी को बेचता था। उसने हाउसिंग सोसायटी से सरिया सप्लाई का कांटेक्ट लिया था। ज्यादा पैसे कमाने की चाहत में उसने ठगी की घटना को अंजाम दिया।