बार-बार अफसरों के चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर दोनों पैरों से विकलांग युवक का आक्रोश अचानक उस वक्त बढ़ गया, जब समस्या लेकर आए लोगों का ज्ञापन लेने के लिए डीएम बाहर आए मगर परिसर में ही घंटेभर से इंतजार कर रहे विकलांग युवक व उसकी विधवा मां की समस्या सुनना उचित नहीं समझा। इस पर गुस्साए विकलांग ने तैश में आकर मीटिंग हाल का धक्का मारकर जोर से दरवाजा खोल दिया और डीएम पर रसूखदार लोगों की समस्या सुनने और गरीबों की अनदेखी का आरोप लगाया। भरी मीटिंग में खरी-खरी सुनते ही डीएम को समस्या सुनने बाहर आना ही पड़ा।
गुरुवार को डीएम डा. पंकज कुमार पांडेय कलक्ट्रेट में स्टाफ की बैठक ले रहे थे। इस बीच कुछ लोग समस्या भरा ज्ञापन सौंपने कलक्ट्रेट पहुंचे और आने की सूचना डीएम को दी गई। इस पर डीएम बैठक से उठकर अपने दफ्तर में ज्ञापन लेने पहुंचे और फिर से मीटिंग लेने आ गए। मगर मीटिंग हाल के बाहर मिलने का इंतजार कर रहे पंजाबी मोहल्ला किच्छा निवासी विकलांग हरिओम और उसकी विधवा मां गंगादेवी की ओर देखा तक नहीं।
इससे गुस्साए युवक ने मीटिंग हाल का दरवाजा खोल दिया। इससे सुरक्षा कर्मियों व अन्य अफसरोें में हड़कंप मच गया। डीएम को उसकी फरियाद सुनने बाहर आना पड़ा। दोनों पैरों से विकलांग युवक व उसकी मां ने रुंधे गले से बताया कि उनकी सतसुइया में चार बीघा जमीन और मकान पर गांव के ही एक युवक ने कब्जा कर रखा है। कई बार दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी न तो अफसर सुनते हैं और न ही जमीन को कब्जे से मुक्त किया जा रहा है। जमीन मांगने पर आरोपी युवक मारने की धमकी दे रहा है। कहा कि वे अत्यंत गरीबी में गुजर बसर कर रहे हैं। डीएम ने एसडीएम विजय कुमार जोगदंडे को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।