काशीपुर। कुंडेश्वरी क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हरिनगर ढकिया कला बदइंतजामी और स्टाफ संकट से जूझ रहा है। यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र वर्तमान में केवल एक आयुर्वेदिक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट के भरोसे संचालित हो रहा है। आलम यह है कि यहां तैनात कर्मियों को सुबह अस्पताल पहुंचकर खुद ही झाड़ू लगानी पड़ती है जिसके बाद वे मरीजों का उपचार करते हैं।
ग्राम हरिनगर में बने इस पीएचसी से कुंडेश्वरी, महादेव नगर, बाजेवाला, खरमासा, भीमनगर समेत कई गांवों के ग्रामीण जुड़े हैं। इसके अलावा, लगभग 15 किलोमीटर दूर हेमपुर डिपो गोशाला और बाजपुर क्षेत्र से भी मरीज ऑटो बुक कराकर इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 35 से 40 मरीजों की ओपीडी होती है। भवन सुंदर होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग यहां पर्याप्त स्टाफ की तैनाती करना भूल गया है।
फिलहाल केंद्र का पूरा जिम्मा फार्मासिस्ट अनूप सिंह रावत संभाल रहे हैं। उन्हें मरीजों को देखने, दवा बांटने, पंजीकरण करने, स्टॉक रजिस्टर में एंट्री, दवाइयों की डिमांड भेजने, बैठकों में भाग लेने और कागजी कार्रवाई जैसे तमाम काम अकेले ही करने पड़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि उनकी पदोन्नति हो चुकी है और करीब एक महीने में स्थानांतरण होने के बाद यह पद भी खाली हो जाएगा, जिसके बाद केंद्र की कमान केवल आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ज्ञानेंद्र भंडारी और एएनएम रीना के कंधों पर रह जाएगी।
रिक्त पद...
चिकित्सक: 1 पद
नर्सिंग अधिकारी : 2 पद
लैब तकनीशियन : 1 पद
वार्ड बॉय : 1 पद
पर्यावरण मित्र : 1 पद
स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई का अभाव:
अस्पताल परिसर में शुद्ध पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है। यहां लगा इंडिया मार्का हैंडपंप ही स्टाफ और मरीजों का एकमात्र सहारा है जो अक्सर दूषित पानी देता है। मजबूरन स्टाफ को अपने घर से पीने का पानी लाना पड़ता है। वहीं, पर्यावरण मित्र न होने के कारण हैंडपंप के आसपास और परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है तथा ऊंची-ऊंची घास उग आई है।
सीएमओ, डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि पीएचसी ढकिया कला में रिक्त पदों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। मामले की जानकारी लेकर जल्द ही रिक्त पदों को भरवाने के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।