जसपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता और फर्जीवाड़े से जुड़े बहुचर्चित मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूनियर डिवीजन) जसपुर की अदालत ने राज्य सरकार की ओर से दायर अभियोजन वापसी की अर्जी स्वीकार कर ली है। इसके साथ ही 145 आरोपियों के खिलाफ चल रहे मुकदमे को वापस लेने की अनुमति दे दी गई।
मामला वर्ष 2018 में दर्ज एफआईआर संख्या 195/2018 से संबंधित है। आरोप था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन के लिए गलत जानकारी देकर लाभ प्राप्त किया गया। इस मामले में अनूप सिंह सहित 145 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी तथा कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 177 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को अवगत कराया कि राज्य सरकार ने 15 मई 2026 के शासनादेश के माध्यम से इस मामले में अभियोजन वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर न्यायालय से अभियोजन वापसी की अनुमति मांगी गई।
न्यायिक मजिस्ट्रेट जहांआरा अंसारी ने अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 321 के तहत न्यायहित और उचित कारण होने पर अभियोजन वापसी की अनुमति दी जा सकती है। न्यायालय ने राज्य सरकार के निर्णय और मामले के तथ्यों को देखते हुए अभियोजन की अर्जी स्वीकार कर ली तथा मुकदमा वापस लेने की अनुमति प्रदान करते हुए प्रकरण का निस्तारण कर दिया। संवाद