सितारगंज। शक्तिफार्म के अरविंदनगर, निर्मलनगर बरुआबाग, झाड़ी, सुरेंद्रनगर, रुदपुर, बैगुल व धौरा जलाशय क्षेत्र के किसानों को प्रशासन ने बेमौसमी धान लगाने की अनुमति दी है। मुख्य कृषि अधिकारी अभय सक्सेना ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर इन गांवों में जलभराव की स्थिति होने के बाद अनुमति प्रदान की है।
जांच रिपोर्ट में कहा है कि यहां गन्ने व ग्रीष्मकालीन मक्के का उत्पादन अच्छा नहीं हो सकता है। ग्रीष्मकालीन धान की खेती किए जाने के लिए केवल एक वर्ष के लिए अनुमति प्रदान की है।
डीएम ने नवंबर में जारी किए आदेश में ग्रीष्मकालीन धान की खेती को प्रतिबंधित किया है, लेकिन दलदली व जलभराव वाली भूमि में मुख्य कृषि अधिकारी की अनुमति के बाद ही ग्रीष्मकालीन धान लगाया जा सकता है। आरटीआई कार्यकर्ता निखिलेश घरामी ने बताया कि उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी को जलभराव की स्थिति को देखते हुए बेमौसमी धान लगाने की अनुमति देने की मांग की थी।