दैवीय आपदा से पीड़ित किसानों ने खेत में प्रदर्शन कर शीघ्र मुआवजे की मांग की। कहा यदि सरकार ने पीड़ित किसानाें को शीघ्र मुआवजा नहीं दिया तो वह आत्महत्या करने जैसा कदम उठाने को विवश होंगे।
शुक्रवार को ग्राम सरदारनगर निवासी कृषक प्रेम खेड़ा के खेत में गेहूं की पूरी तरह से तबाह हो चुकी फसल को देख गुस्साए किसानों ने प्रदर्शन करते हुए शीघ्र मुआवजे की मांग की। ग्राम प्रधान चंद्रजीत सुधा का कहना था कि एक ओर तो किसान पहले ही बुरी तरह से कर्ज से लदे हैं।
ऊपर से बेमौसमी बारिश ने किसानाें की कमर को तोड़कर रख दिया है। इसके बावजूद विद्युत, जल संस्थान, सहकारी समितियां, बैंक, राजस्व विभाग द्वारा ऋण माफ ी तो दूर बल्कि किसानों से जबरन वसूली पर अड़े हैं। प्रदर्शन कर रहे व्यथित किसानाें ने कहा यदि सरकार ने उन्हें शीघ्र मुआवजा न दिया तो हर तरफ से असहाय हो चुके किसान आत्महत्या जैसा कदम उठाने को विवश होंगे। प्रदर्शन करने वालाें में नंदलाल, राजेंद्र कुमार, नरेश कुमार, हरिखेड़ा, पवन कुमार, मंगत राम, वेद प्रकाश, किशन लाल, कुलभूषण लाल खेड़ा, बल्देव राज, सुजात, सतीश कुमार, शमशुद्दीन, चंदा हुसैन, विनोद कुमार, रोशन लाल, संजीव कुमार, किशन लाल, सतीश कुमार, विजय नरूला, जुम्मा, राजकुमार, हाकम राय, मो. यूनुस, नासिर हुसैन, निजामुद्दीन, सुजाहत खां, कमर अली आदि मौजूद थे।