शहर की पॉश कॉलोनी ओमेक्स सोसायटी में बंद गेट नंबर दो को खोलने की मांग को लेकर सोसायटी के लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सिडकुल घोटाले की एसआईटी जांच में इस मामले को भी शामिल करने की मांग की है। इधर, सोसायटी अध्यक्ष ने ओमेक्स केे मानचित्र में कभी भी उक्त जगह पर गेट नंबर दो होने से इनकार किया है।
रविवार की सुबह ओमेक्स रिवेरा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष लेखराज जदली के नेतृत्व में लोगों ने कथित गेेट नंबर दो पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि दो साल पहले गेट नंबर दो पर सिडकुल से साठगांठ कर अवैध रूप से रातोंरात निर्माण सामग्री डाल कर कब्जा कर लिया गया था। यह मामला रेरा न्यायालय में गया था और न्यायालय ने प्रशासन को अवैध कब्जा हटाने के आदेश दिए थे।
रसूखदारों के आगे प्रशासन ने घुटने टेक दिए थे। इसके चलते आज तक न तो सिडकुल और न ही जिला प्रशासन अवैध कब्जा हटा पाया है। कहा कि अब कॉलोनी के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। अगर जल्द अवैध कब्जा नहीं हटाया तो वे कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताएंगे। उन्होंने गेट प्रकरण को सिडकुल घोटाले की एसआईटी जांच में शामिल करने की भी मांग की। वहां पर धर्मेंद्र चौधरी, वेद प्रकाश, डॉ. जगदीश प्रसाद, दिनेश तिवारी, ईश्वर भट्ट, ललित, रवि पांडे, अभिमन्यु, हरीश, परवीन, मदन शर्मा आदि थे।
जिस जगह को गेट नंबर दो बताया जा रहा है, वहां कभी गेट नंबर दो नहीं था। इसका जिक्र भी ओमेक्स के मानचित्र में नहीं है। गेट नंबर दो गामा विला नंबर सात के सामने है। इसे 2018 में तत्कालीन अध्यक्ष ने बंद कराया था। जिस जमीन पर गेट नंबर दो बताया जा रहा है, वह उनके और सुरेंद्र सिंह ग्रोवर के नाम पर 90 साल की लीज पर है। इसकी एवज में सिडकुल को सालाना 43 हजार रुपये लीज शुल्क चुकाया जाता है। कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं।
-विजयभूषण गर्ग, सोसायटी अध्यक्ष