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ग्रमीण लंबे समय तक मिसाइलों के दबे होने से थे अनजान

Sat, 13 Oct 2018 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊधमसिंह नगर
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जसपुर में फीका नदी के पास मिसाइलों के लिए बनाई गई पिट। - फोटो : अमर उजाला
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काशीपुर की एसजी स्टील फैक्ट्री ले जाए गए मोर्टार सेल (मिसाइलें) पतरामपुर चौकी परिसर में दबाए जाने की जानकारी से ग्रामीण काफी समय तक बेखबर रहे। पड़ोसी काश्तकार ने अपने खेत के बाड़े में आग लगाने की कोशिश की तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे उस जगह पर मिसाइलें दबी होने की जानकारी देते हुए उसे ऐसा करने से रोक दिया। इसके बाद यह मामला मीडिया की सुर्खियों में छाया। 

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पतरामपुर के ग्राम प्रधान चंद्रपाल सिंह ने बताया कि 30 वर्ष पहले तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख हरगोविंद सिंघल के प्रयासों से गांव में एक बैंक की शाखा खोली गई थी। इसके बाद पंचायत भवन में पुलिस चौकी खोली गई। वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधान गुरमेज सिंह गज्जी ने पंचायत भवन के पास 9 डेसीमल भूमि का प्रस्ताव पुलिस चौकी के लिए किया। 21 दिसंबर 2004 को एसजी स्टील फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद मौके से बरामद 555 मोर्टार पतरामपुर चौकी के लिए आवंटित स्थल पर दबा दिए गए। चौकी से सटा पांच एकड़ का खेत धूप सिंह और नहाल सिंह पुत्रगण जागन सिंह का है। 

धूप सिंह ने बताया कि काफी समय तक उन्हें इस बात की भनक नहीं थी कि चौकी में मिसाइलें दबी हैं। एक दिन वह बाड़े में आग लगाने की तैयारी में थे, तभी दौड़ते हुए आए कांस्टेबिल ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। धूप सिंह ने बताया कि इसके बाद से खेत में काम करते समय उन्हें डर लगा रहता था। आसपास के काश्तकार डॉ. कुलवंत सिंह, सोहन सिंह, बलबीर आदि भी सहमे रहते थे। 
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उक्रांद के पूर्व जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि क्षेत्र से मिसाइलें हटाने को लेकर उक्रांद के केंद्रीय सचिव अशोक सिद्धू के नेतृत्व में लंबा आंदोलन चलाया गया। इस मांग को लेकर उक्रांद ने धरना-प्रदर्शन भी किया। तब कहीं जाकर वहां से मिसाइलें हटाने की कवायद शुरू हुई। गांव के बगीचा सिंह और शमीम बताते है कि गर्मी के मौसम में तपिश बढ़ने से लोग मिसाइलें फटने की आशंका से भयभीत रहते थे। 

पहले फीका बैराज पर थी मिसाइलें नष्ट करने की योजना 
जसपुर। मोर्टार सेल निष्क्रिय करने के लिए सेना की टीम ने पहले फीका बैराज का प्रस्ताव तैयार किया था। इस ऑपरेशन के लिए टीम मौके का निरीक्षण भी कर चुकी थी। पतरामपुर के रेंजर एमसी शर्मा ने बताया कि छह माह पूर्व इस संबंध में प्रभागीय वन अधिकारी डीके सिंह से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन डीएफओ ने घना वन क्षेत्र होने का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी। इसके बाद अमानगढ़ रेंज से सटे ग्राम हजीरों के फीका क्षेत्र का स्थल चयनित किया गया। 

सेना की टीम को करना पड़ा विरोध का सामना 
जसपुर। फीका नदी में निर्जन स्थान पर मोर्टार सेल नष्ट करने को लेकर सेना की टीम को ग्रामीणों के हल्के विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में कैप्टन के समझाने पर ग्रामीण शांत हो गए। शुक्रवार सुबह सेना की टीम डंपर में मोर्टार लेकर फीका नदी की ओर जा रही थी। ग्राम हजीरोंवाला गुरुद्वारे के पास दर्जनों ग्रामीणों ने टीम के कप्तान विकास मलिक को रोक लिया। उन्होंने फीका क्षेत्र में मिसाइलें नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान पर्यावरण प्रदूषित होने व जंगली जानवरों को खतरा होने की आशंका जताई। कैप्टन विकास ने उन्हें बताया कि टीम पूरी सतर्कता के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम देगी। इससे किसी तरह की कोई हानि नहीं होगी। इस पर ग्रामीण शांत हो गए। विरोध करने वालों में जाहिद प्रधान, बलवीर उर्फ कालू, गुरमीत सिंह, हरभजन सिंह, बुंदू, पूर्व प्रधान सर्वजीत सिंह, शाकिर हुसैन आदि थे। 

छह सौ मीटर दूरी से धमाके सुनते रहे तीन परिवार 
जसपुर। फीका नदी क्षेत्र में मोटार सेल नष्ट करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक किमी के दायरे को नो मैंस जोन घोषित किया था। लेकिन, ऑपरेशन स्थल से महज छह सौ मीटर दूर रहने वाले तीन परिवार मोर्टार सेल नष्ट होने के धमाके सुनते रहे। दरअसल ऑपरेशन फीका क्षेत्र के दूसरे छोर की ओर चलाया जा रहा है। वहां खोदे गए पिट से आबादी क्षेत्र की दूरी पांच सौ मीटर से अधिक है। पुलिस ने मुनादी कराकर आसपास के परिवारों से घर खाली करा लिए। नदी के पूर्वी छोर पर जागीर सिंह का झाला है। वहां नदी में प्लेज (तरबूज-खरबूज, खीरा की खेती) लगाने वाले दो और परिवार भी रहते हैं। जागीर सिंह निजी कार्य से बरेली गए हुए हैं। उनकी पत्नी वीरेंद्र कौर ने बताया कि ऑपरेशन के चलते उन्हें घर छोड़ने के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। 

शुक्रवार को 220 मोर्टार सेल नष्ट करने का कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो चुका है। ग्राम हजीरों से किसी बिंदी नामक व्यक्ति की ओर से ग्रामीणों को भड़काए जाने की सूचना मिली थी। उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। अगर किसी ने मोर्टार डिस्पोज करने के कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - डॉ. जगदीश चंद्र, एएसपी, काशीपुर। 

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