रुद्रपुर। विश्व एड्स दिवस पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों ने जागरूकता रैैली निकाली। उन्होंने लोगों को एड्स के खिलाफ जागरूक किया और बचाव की जानकारी दी।
पुराना जिला अस्पताल परिसर में सीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक व राष्ट्रीय एड्स रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. हरेंद्र मलिक ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। स्वास्थ्य कर्मियों व स्वयंसेवी संस्थाओं ने लोगों को एड्स रोग की भयावहता, बचाव की जानकारी देने के साथ ही जागरूक किया। वहां नवीन पांडेय, रीना सिंह, अनिल जोशी, शुभम पपनोईं, राजेश अरोरा, गणेश गोपाल आर्या, योगेश पांडेय, विजय वर्मा आदि मौजूद रहे। इधर, जिला अस्पताल सभागार में विश्व एड्स दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अविनाश श्रीवास्तव ने एड्स से बचाव को लेकर जागरूक किया। वहां पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस सामंत, प्रबंधक अजयवीर सिंह चौहान, डॉ. आरबी शर्मा आदि मौजूद रहे।
काशीपुर। ओएसटी केंद्र की ओर से विश्व एड्स दिवस पर बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को एड्स के बचाव के प्रति जागरूक किया गया। मंगलवार को एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्र प्रभारी डॉ. कमलजीत सिंह और काउंसलर नीता पंत ने बताया कि 2014 में इंजेक्शन से नशा करने वाले युवाओं के इलाज के लिए ओपियर्ड सब्सटीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र की स्थापना की गई थी। वर्तमान में इंजेक्शन से नशा करने वाले 200 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें से चार मरीज एचआईवी पॉजिटिव भी शामिल है।
उन्होंने एचआईवी संक्रमित लोगों का सहयोग करने और भेदभाव समाप्त करने, नशा मुक्ति-ओएसटी केंद्र और केंद्र से मरीजों को दी जाने वाले सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कोविड-19 के नियमों का पालन किया गया। वहां पर नोडल अधिकारी डॉ. मनु पांडे, भावना बिष्ट आदि थे। उधर परिधि सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोगों को एचआईवी के लक्षण और बचाव के बारे में जागरूक किया। कहा कि वर्तमान में देश में 2.1 मिलियन और विश्व में 36.6 मिलियन व्यक्ति एचआईवी संक्रमित हैं। वर्ष 1986 चेन्नई में पहली महिला मरीज पाई गई थी। वहां पर मोहम्मद जावेद, अली खान, शीलावती, पार्वती, तेजवीर सिंह, रजत आदि थे।