पंतनगर। राज्य गठन से पूर्व बरेली और हल्द्वानी की ओर जाने वाली रोडवेज बस शांतिपुरी और गोल गेट पर हर हाल में रुकती थी। इसके लिए यहां संबंधित विभाग की ओर से बस स्टाॅप का भी निर्माण कराया गया है। परंतु राज्य गठन के बाद से यहा बसों का रुकना बंद हो गया, तब से यहां के निवासी पूर्व सैनिक सरकार की उपेक्षा का दंश झेलने को मजबूर हैं।
लगभग चार-पांच दशक पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के पुनर्वास और पहाड़ों सेे पलायन कर आने वाले लोगों को पंतनगर विवि से सटे लगभग सात-आठ किलोमीटर क्षेत्र के शांतिपुरी नंबर एक, दो, तीन व चार में बसाया गया था। बदलते समय के साथ आज क्षेत्र में लगभग 25-30 हजार लोग निवास कर रहे हैं। राज्य गठन से पूर्व यहां के निवासियों के आवागमन की सुविधा के लिए शांतिपुरी गेट और नगला गेट पर बरेली और हल्द्वानी की ओर से आने वाली सभी सरकारी सहित निजी बसें रुकती थीं। इसके लिए सरकार ने यहां बस स्टापों का निर्माण भी कराया था। परंतु वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद से जिम्मेदार अधिकारियों की उपेक्षा के चलते इन बसों का स्टापेज यहां बंद हो गया।
इससे यहां के निवासियों को लगभग तीन से पांच किमी. की पैदल यात्रा कर नगला गेट से बसों को पकड़ने की मजबूरी है। मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व दायित्वधारी डाॅ. गणेश उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने परिवहन अधिकारियों सहित शासन में बहुत पैरवी की, परंतु आज तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। डाॅ. उपाध्याय ने बताया कि क्षेत्र की जनता सरकार की इस उपेक्षा से त्रस्त है और निर्णायक आंदोलन का मन बना चुकी है।