हल्द्वानी के ठंडी कोठी स्थित निजी अस्पताल में आंख का ऑपरेशन कराने आए रामनगर निवासी मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
रामनगर के चिलकिया स्थित ग्राम जस्सा गांजा में राजपाल कश्यप आंखों की कम होती रोशनी से चिंतित थे। बुधवार को वह आंखों के ऑपरेशन के लिए ठंडी सड़क स्थित निजी नेत्र चिकित्सालय पहुंचे। इस दौरान उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी मौत के बाद परिजन 19 घंटे तक न्याय की आस में भटकते रहे।
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राजपाल शारीरिक रूप से स्वस्थ थे। राजपाल के भाई राजेश के अनुसार आंख का ऑपरेशन तीन घंटे तक चला। इसके बाद ऑपरेशन थियेटर से तीन बार में डॉक्टर के साथ तीन कर्मी बाहर आए। सबने अलग-अलग दिक्कतें बताईं। पहले बीपी बढ़ना बताया गया। फिर स्थिति गंभीर बताई। कुछ देर बाद बताया बगल के अस्पताल में ले जाओ। किश्तों में समस्या बताकर सभी माहौल बना रहे थे। दूसरे अस्पताल से भाई के मौत की जानकारी मिली।
हल्द्वानी शहर में अस्पतालों से लगातार सामने आ रही मौतों और लापरवाही के मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कभी सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत पर परिजन आक्रोशित हो उठते हैं तो कभी निजी चिकित्सालयों में गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आते हैं। ताजा मामले में नेत्र ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत ने एक बार फिर पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। प्रशासन जांच की बात कर रहा है लेकिन सवाल यही है कि क्या ये जांचें कभी सच तक पहुंच भी पाती हैं?