बाजपुर। चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना सहित पंजाब के विभिन्न नगरों को जाने वाली रोडवेज बसें वापसी में सीधे हाईवे से होकर गुजर रही हैं। यात्रियों को रात के अंधरे में दोराहा चौक पर ही उतार दिया जाता है। इससे यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
बाजपुर रोडवेज बस स्टेशन का संचालन 18 दिसंबर 2020 शुरू हुआ था। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने परिवहन मंत्री रहते हुए देहरादून, मेरठ, दिल्ली सहित अन्य महानगरों के लिए रोडवेज बसों का संचालन शुरू कराया था। जिसमें अधिकांश बसें बंद हो चुकी हैं। रामपुर डिपो से दो बसें रामपुर से बाजपुर के लिए चलती थीं। जिन्हें कुछ समय बाद बंद कर दिया गया। नागरिकों का कहना है कि हल्द्वानी से चंडीगढ़, देहरादून और दिल्ली को रोडवेज बसों को वाया कालाढूंगी/ बाजपुर होकर संचालन कराया जाए।
साथ ही रामनगर से रुद्रपुर को वाया बन्नाखेड़ा, बाजपुर होकर रोडवेज बस चलाई जाए। इन निर्धारित रूट से रोडवेज बसों के संचालन होने से क्षेत्रवासियों को सुविधा मिलेगी। साथ विभाग को आर्थिक लाभ होगा। वर्तमान में दोराहा चौक से मुरादाबाद के लिए मात्र प्राइवेट बसें ही संचालित हो रही हैं। शहर वासियों को पांच किमी दूर जाकर प्राइवेट बस में बैठने को मजबूर होना पड़ता हैं। इससे उनकी जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश, रमेशपाल ने बताया कि रोडवेज बसों की समस्या को आगामी तहसील दिवस में रखा जाएगा।
कोट
बाजपुर बस स्टेशन पर न जाकर बस चालक-परिचालक सवारियों को दोराहा पर उतारने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामला जानकारी में आने पर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - राजेंद्र कुमार, एआरएम, काशीपुर डिपो