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पारले, डेल्फी श्रमिकों ने फूंका प्रबंधन का पुतला

Wed, 23 Mar 2016 06:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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पारले श्रमिक संघ और डेल्फी टीवीएस कर्मकार यूनियन के नेतृत्व में श्रमिकों ने कलक्ट्रेट से सिडकुल चौक तक जुलूस निकालकर फैक्ट्री प्रबंधन का पुतला फूंका। वहीं, डेल्फी टीवीएस संयुक्त कर्मकार यूनियन के बैनर तले आठ  कर्मचारियों की भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही।  
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पारले और डेल्फी श्रमिक अपनी-अपनी यूनियन के बैनर तले कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने सिडकुल पारले चौक तक जुलूस निकाला। जुलूस में श्रमिकों ने पारले प्रबंधन, डेल्फी प्रबंधन, सिडकुल प्रशासन, केजीसीसीआई और सिडकुल इंटरप्रीनियोर सोसाइटी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं श्रमिकों ने डेल्फी प्रबंधन को हटाने की भी मांग की। इसके बाद सिडकुल चौक में हुए सभा में श्रमिकों ने कहा कि प्रबंधन जिद  छोडने को तैयार नहीं है। 

प्रशासन भी कर्मचारियों को न्याय नहीं दिला पा  रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी श्रमिकों को न्याय दिलाने के निर्देश अफसरों को दिए थे,  मगर अभी तक कुछ नहीं हो सका है। फैक्ट्री प्रबंधन ने मानवता को भी दरकिनार  कर दिया है।  वहीं पारले श्रमिकों ने प्रबंधन के हठ पूर्ण रवैये के चलते श्रमिकों की सात साल से सैलरी नहीं बड़ी है। इसके बाद श्रमिकों ने सिडकुल चौक पर पारले और डेल्फी टीवीएस प्रबंधन का पुतला फूंका। 
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इस मौके पर वीरपाल, अनिल, सुरेश जोशी, व्यास गुप्ता, अजीत सिंह, रंजीत सिंह, अनिल मिश्रा, रणजीत, दिनेश चन्द्र, रमेश, विपिन पांडे, कैलाश, ललित, दीपक, महेश, पीयूष, त्रिभुवन, गणेश मेहरा, आनंद नेगी, संजय, लता बजेठा, कुसुम सहित अनेक मौजूद रहे। वहीं डेल्फी टीवीएस श्रमिकों का आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। अस्पताल में भर्ती दो श्रमिकों की हालत में सुधार हुआ है। 

बिना पगार कैसे मनाएं होली
रुद्रपुर।  डेल्फी टीवीएस  और पारले के कर्मचारी निकाले गए साथियों की बहाली सहित विभिन्न  मांगों को लेकर तीन माह से आंदोलनरत हैं। आंदोलनरत अधिकांश कर्मचारी  पहाड़ों के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं, जो किराए पर रहते हैं। लेकिन  तीन महीने से बिना सेलरी के वे न्याय की आस को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।  

लेकिन प्रबंधन की हठधर्मिता और प्रशासन की अनदेखी से मजबूरन उनको भूख  हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है। श्रमिक नवीन बिष्ट, रमेश, विपिन, प्रमोद तिवारी कहते हैं कि ऐसे हालात में  वे कैसे होली मनाएं। आंदेलन लंबा खिंचने से आर्थिक हालात बिगड़ रहे हैं।  सभी ने सोचा था कि बेहतर होगा और होली अपने घर मनाएंगे। लेकिन ऐसे हालात  में लग रहा है कि होली के दिन भी धरने और अनशन में बैठना होगा। 
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