रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के शिमला पिस्तौर में बिजली की लाइन में आए फॉल्ट को ठीक कर रहे ऊर्जा निगम में स्वयं सहायता समूह से तैनात लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। लाइनमैन के बेटे ने कहा पापा ने करीब 20 मिनट तक तड़पने के बाद दम तोड़ दिया..।
मेरे पापा कई वर्षों से ऊर्जा निगम में लाइनमैन का काम कर रहे थे...। उन्होंने बिजलीघर से शटडाउन लेने के बाद फाॅल्ट ठीक करना शुरू किया ही था कि करंट लगने से वह जमीन पर गिर गए। लहूलुहान हालत में वह मेरी गोद में तड़पते रहे और मैं रोते हुए मदद की गुहार लगाता रहा लेकिन कोई आगे नहीं आया। करीब 20 मिनट तक तड़पने के बाद पिता ने मेरी गोद में ही दम तोड़ दिया...।
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सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस में शिव कुमार के बेटे नरेश का गला घटना के बारे में बताते-बताते रुंध गया। उसने कहा कि घटना के समय निर्माणाधीन कंपनी का इलेक्ट्रीशियन, कर्मचारी और दो सुरक्षा गार्ड वहां मौजूद थे। जैसे ही करंट लगकर उसके पिता सीढ़ी से नीचे गिरे तो चारों लोग वहां से भागकर कंपनी में चले गए और गेट बंद कर दिया। उसके पिता की नाजुक हालत को देखकर भी उन लोगों को दया नहीं आई।
नरेश ने बताया कि उसने जेई को फोन कर घटना की जानकारी दी लेकिन वह करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचे। उसने कहा कि जो व्यक्ति विभाग के लिए दो दशक से अधिक समय से समर्पित होकर काम करता रहा, उसके प्रति विभाग के अधिकारी ही संवेदनहीन बन गए। अगर समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बच जाती।
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शिमला पिस्तौर के निकट स्थित सत्या मेंटल इंडस्ट्रीज का फ्यूज उड़ गया था। लाइनमैन शिव कुमार ने शटडाउन लालपुर से लेने के बजाय गलती से कुरैया से ले लिया था। लालपुर बिजलीघर की लाइन में बिजली चालू थी। शिव कुमार फ्यूज जोड़ने के लिए ऊपर चढ़ गए, जिससे उनको करंट लग गया। जमीन पर गिरकर सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई। - सतेंद्र जोगियाल, जेई, ऊर्जा निगम, लालपुर