आकाश के चाचा राजू ने बताया कि रोहन सिडकुल की एक कंपनी में नौकरी करता था और वह किराये के कमरे में रहता था जबकि उसकी मां रुड़की में ही रहती थी।
राजू ने बताया कि रविवार को तीनों ने शादी में जाने की प्लानिंग की और रुद्रपुर से हल्द्वानी के लिए रवाना हुए। तीनों अच्छे से शादी में शामिल हुए और आठ से नौ बजे के करीब जब वह हल्द्वानी से वापस लौट आए।
जैसे ही वह रुद्रपुर पहुंचने वाले थे कि उनमें से किसी का फोन हल्द्वानी में छूट गया। उसे ही लेने के लिए उन्होंने स्कूटी को वापस मोड़ दी। संजय वन के पास पहुंचते ही हल्द्वानी से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से उनकी टक्कर हो गई और तीनों दोस्तों ने एक साथ दुनिया को अलविदा कह दिया।
गहरी दोस्ती ऐसी कि एक साथ कह दिया दुनिया को अलविदा
सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत से हर कोई हैरान हैं। तीनों ही लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे। बताया जा रहा है कि तीनों आपस में रिश्तेदार भी हैं। हैरानी की बात है कि आकाश (रामपुर), रोहन (रुद्रपुर)और अनिकेत (जसपुर) को शादी का बुलावा आया जो उनके लिए काल साबित हुआ। काल ने तीनों को ही एक जगह पर बुलाया।
पहले पिता ने दुनिया छोड़ी, अब इकलौता सहारा भी छिना
रुड़की निवासी रोहन के पिता की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। अब मां का इकलौता सहारा भी छिन गया है। नौकरी की तलाश में आईटीआई करने के बाद वह रुद्रपुर आया था। यहां छतरपुर में किराये के मकान में रहता था। जैसे ही उसकी मां को मौत की खबर मिली वह रुद्रपुर के पोस्टमार्टम हाउस में पहुंची और कई बार बदहवास हो गई। उनके मुंह से बार-बार एक ही शब्द निकल रहा था रोहन वापस आ जा। अब हमें कौन संभालेगा।
स्कार्पियो में संदिग्ध वस्तु होने की चर्चा
हादसे के दौरान स्कार्पियो भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार में कुछ संदिग्ध वस्तु भी थी लेकिन पुलिस इस बात से इंकार कर रही है। कार में क्या संदिग्ध था इसकी चर्चा तेज हो गई है। इस बारे में एसएसपी का कहना है कि इसकी भी जांच की जा रही है।
सैलून संचालक बताया जा रहा है स्कॉर्पियो चालक
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि मामले की प्रथम जांच में सामने आया है कि अभियुक्त सैलून संचालक है और भीमताल में उसका प्रॉपर्टी का भी काम है। बताया कि उसकी तलाश पुलिस टीम कर रही है।
...तो क्या नशे में था स्कार्पियो चालक
पुलिस जांच में यह भी सामने आ रहा है कि चालक नशे में कार चला रहा था। कार से शराब की दुर्गंध आ रही थी। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसने पहले शराब पी होगी और इसके बाद वह वाहन चला रहा होगा। हालांकि पुलिस जांच में जल्द सत्यता सामने आएगी।
पांच साल में तेज रफ्तार ने ली 500 से ज्यादा लोगों की जान
पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2020 से 2025 तक ऊधमसिंह नगर में जिले में 500 से ज्यादा लोगों की मौत सिर्फ तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हुई है। जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में से 88 से 92 फीसदी हादसे सिर्फ तेज रफ्तार की वजह से दर्ज किए गए हैं। गलत साइड ड्राइविंग या नशे में गाड़ी चलाना इसके सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं।