राज्य सरकार अब जल्द ही अपने हवाई जहाज उड़ाएगी। इसके लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंतनगर एयरपोर्ट से बार-बार प्रभावित हो रही हवाई सेवाओं को देखते हुए अब सरकार ने खुद ही पंतनगर हवाई अड्डे से अपने ही जहाज उड़ाने का बीड़ा उठाया है। साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की भी तैयारी हो गई है। बुधवार को मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने वन विभाग के आला अफसरों के साथ बातचीत की। मुख्य सचिव ने वन विभाग के आला अफसरों से एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की भी बात कही है। सरकार कुछ छोटी हवाई कंपनियों से बात कर रही है, इसमें 50 प्रतिशत शेयर प्राइवेट कंपनियों का रहेगा और 50 प्रतिशत की भागीदारी सरकार की होगी। राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार और यात्रियों की सुविधाओं के चलते मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह फैसला लिया है।
अभी तक पंतनगर एयरपोर्ट से एयर इंडिया की ही सेवा चल रही है, वह भी कभी-कभी लड़खड़ा जाती है। पंतनगर एयरपोर्ट और देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट से बेहतर हवाई सेवा उपलब्ध कराने की दृष्टि से सरकार ये यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही इस दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि यूं तो राज्य की चारों हवाई पट्टियों का विस्तार किया जाना है, लेकिन सबसे पहले देहरादून से पंतनगर और दिल्ली, मुंबई के लिए हवाई सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कुछ प्राइवेट कंपनियों से करार कर हवाई सेवा शुरू करने जा रही है। इसमें 50 प्रतिशत शेयर निजी कंपनियों का रहेगा। बाकी का खर्च सरकार स्वयं वहन करेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पंतनगर एयरपोर्ट का भी विस्तार किया जाएगा।