सितारगंज। विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक नारायण पाल के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करते ही सियासी पारा चढ़ गया है और राजनीतिक गलियारों में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में जनता भी तरह-तरह के कयास लगा रही है।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद बुधवार को पूर्व विधायक पाल सितारगंज पहुंचे। करन गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। रास्ते में भी सिरसा मोड़, सिसैया सहित कई जगह पर उनका फूल-मालाओं के साथ अभिनंदन किया गया।
पूर्व विधायक ने कहा कि सिडकुल को सितारगंज में स्थापित कराने के लिए उन्होंने तत्कालीन सीएम एनडी तिवारी से सशक्त पैरवी की थी। स्थानीय को 70 फीसदी रोजगार देने का प्रावधान भी लागू कराया लेकिन भाजपा की नीतियों से सितारगंज में कोई नया उद्योग नहीं लगा और न ही रोजगार के अवसर बढ़े।
यहां रोजगार मेला तो लगा लेकिन नौकरी किसी की नहीं लगी। अस्पतालों के भवन बनाएं, उपकरण भी अच्छे दिए लेकिन लोगों को बेहतर इलाज नहीं मिला। खनन के नाम पर दर्जनों गांवों की जमीनों को खोद दिया गया। लोगों को उनकी जमीन से हटाने के लिए नोटिस थमा दिया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि जनता को न्याय दिलाने के लिए वह ''नशा नहीं.. रोजगार दो.. काम का अधिकार दो'' नारे के साथ व्यापक स्तर पर जन आंदोलन करेंगे।
वहां नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष हिमांशु गाबा, सरताज अहमद, निर्भय पाल, एडवोकेट जितेंद्र पाल, नारायण बिष्ट, हरपाल सिंह, डॉ. गणेश उपाध्याय, हसनैन मलिक, रामनगीना प्रसाद, जिलानी अंसारी, बिपिन खोलिया, पूरन चौहान, शाकिर अली, रणजीत राणा, सुरेंद्र सिंह, मुख्तियार अंसारी, मुगनी अहमद, अखिलेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
पूर्व विधायक नवतेज पाल और पूर्व पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे के कार्यक्रम से दूरी ने बढ़ाईं अटकलें
सितारगंज। पूर्व विधायक पाल के स्वागत कार्यक्रम ने कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रत्याशी नवतेज पाल और पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे की गैर मौजूदगी ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
नवतेज पाल ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक पाल ने टिकट न मिलने पर कांग्रेस से बगावत कर बसपा से चुनाव लड़ा था जिससे कांग्रेस को हार मिली थी। पार्टी में और भी कई दावेदार हैं। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें विश्वास में लिया बिना पूर्व विधायक पाल को पार्टी की सदस्यता दिलाई है। स्वागत कार्यक्रम उनका व्यक्तिगत कार्यक्रम था। उन्हें पार्टी की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई थी।
पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने कहा कि उनकी पूर्व विधायक पाल से कोई नाराजगी नहीं है। निजी कार्यों में व्यस्तता से वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। वहीं, नारायण पाल की कांग्रेस में वापसी के साथ पार्टी के अंदरूनी मतभेद भी खुलकर सामने आने लगे हैं।