पहाड़ के उत्पादों को बाजार देने और पहाड़ियों को खेती से जोड़ने, उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए मंडी परिषद पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा देने जा रही है। इसको लेकर मंडी परिषद पीपीपी मोड से सिडकुल रुद्रपुर में प्रोसेसिंग प्लांट लगाने जा रही है। इसकी लागत 7 से 10 करोड़ आने की संभावना है।
28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री हरीश रावत इसको लेकर बैठक कर चुके हैं। इसको लेकर शासन स्तर पर मंडी परिषद के अध्यक्ष शैलेंद्र मोहन सिंघल के नेतृत्व में एक कोर कमेटी बनाई गई है। कोर कमेटी की मंडी परिषद सभागार में शनिवार को बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रोसेसिंग प्लांट को लगाने के बारे में चर्चा की गई। इस दौरान वेयर हाउस, कोल्ड स्टोर, तौल कांटा, प्रोसेसिंग मशीन, क्लीनिंग मशीन, ग्रेडिंग मशीन, पैकेटिंग मशीन, लोगो और सिलाई मशीन लगाने के बारे में चर्चा की गई।
बैठक में इंजीनियरों को दिसंबर प्रथम सप्ताह तक प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं दिसंबर के पहले सप्ताह में कोर कमेटी की मीटिंग भी रखी गई है। दिसंबर अंत या जनवरी के पहले सप्ताह में पीपीपी मोड में सिडकुल में मंडी परिषद की जमीन में प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। बैठक में कोर कमेटी के अध्यक्ष शैलेंद्र मोहन सिंघल, एमडी धीरज गर्ब्याल, मंडी समिति के प्रशासक बीएस चलाल, पंतनगर यूनिवर्सिटी से अनुपमा सिंह, विनीता शाह के अलावा अमीरा फूड और जस्ट ऑर्गेनिक कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद थे।
ये उत्पाद की होगी ब्रांडिंग-
- चौलाई (रामदाना)
- फाफर
- मडुवा
- काले भट