काशीपुर के आईआईएम के दीक्षांत समारोह में टोपी उछालकर खुशी जाहिर करते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : Amar Ujala
गोदरेज एंड बोयसे कंपनी के चेयरमैन एवं एमडी जमशेद एन गोदरेज ने कहा कि प्रबंधन क्षेत्र में दीर्घकालिक सतत विकास की सोच विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विश्व में संसाधनों की भारी कमी है। ऐसे में कंपनियों को अपनी पैकेजिंग की रिसाइकलिंग पर खास ध्यान देना होगा।
आईआईएम काशीपुर के छठे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे गोदरेज ने इस मौके पर संस्थान के डीन, फैकल्टी और मानद उपाधि पाने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दीं। समारोह में वर्ष 2017-18 के पासआउट पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (पीजीपी) के 177 और एक्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (ईपीजीपी) के 26 विद्यार्थियों को मानद उपाधि प्रदान की गई। पीजीपी में शिवांग गर्ग ने और ईपीजीपी में एरी प्रसाथ पोन्नूरंगम ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं पीजीपी में रूप प्रतिम दत्ता ऑलराउंड परफॉरमेंसर रहे।
गोदरेज ने कहा कि सिर्फ विकास ही जरूरी नहीं है, बल्कि दूरगामी लक्ष्यों को ध्यान में रखकर विकास पर फोकस किया जाना जरूरी है। चीन की अल्पकालीन विकास नीति की चर्चा करते हुए कहा कि इसके कुप्रभाव समझ में आने के बाद चीन को अपनी नीति बदलनी पड़ी। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग, गिरते भूजल स्तर आदि खतरों के प्रति आगाह करते हुए खनिज संपदा का सोच समझकर दोहन करने का सुझाव दिया। उन्होंने हरित पार्कों की स्थापना और वन क्षेत्रों का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि भविष्य के मैनेजरों को इसकी वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देना होगा।