रामपुर के भोट थाना क्षेत्र में पीलाखार नदी के निकट खनन करती मशीन व खनन से गहरा हुआगड्ढा।
बाजपुर और सितारगंज तहसील क्षेत्र में उपखनिज की तीन लॉटों के लिए दो दिन पहले की गई ऑनलाइन ई-नीलामी में खनन ठेकेदारों की ओर से पूल करके करोड़ों रुपये की बंदरबाट की गई। विधायक सौरभ बहुगुणा को इसकी शिकायत मिलने पर रविवार देर शाम वह देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिले और पत्र सौंप कर कार्रवाई की मांग की। सीएम ने खनन सचिव को जांच के आदेश दिए हैं।
बीती 16 और 17 मार्च को बाजपुर के गुलड़िया में 13.911 हेक्टेयर, सितारगंज मेराबाराना में 15 हेक्टेयर और उकरौली कैलाश नदी में 40.50 हेक्टेयर में उपखनिज की ई-नीलामी बिड खनन विभाग की ओर से आमंत्रित की गई थी, जो सोमवार खुलेंगी। इसमें ठेकेदारों ने मिलकर षड्यंत्र के तहत तयशुदा बोली वाले दिन रुद्रपुर के एक पांच सितारा होटल से ई-नीलामी में प्रतिभाग किया।
बताया जा रहा है कि राज्य में अब तक जो खनन की ऑनलाइन नीलामी हुई है, उसमें सरकार के निर्धारित मूल्य से आठ से 10 गुना तक अधिक में बोली छूटी है। तीन दिन पूर्व हरिद्वार के भगवानपुर में तीन करोड़ का टेंडर 31 करोड़ में गया, लेकिन यहां तीनों लॉटों का 1.45, 1.10 एवं 1.12 गुना ही मूल्य आया है।
इस हिसाब से यहां ठेकेदारों ने करोड़ों के राजस्व को हानि पहुंचाई है। अभी तक राज्य का यह पहला मामला बताया जा रहा है। विधायक सौरभ बहुगुणा तक मामला पहुंचा तो वह देर शाम देहरादून में मुख्यमंत्री से मिले और पत्र सौंपकर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ई-टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की इस मिलीभगत से सरकार को आगामी पांच साल में करीब 250 करोड़ के राजस्व की हानि होगी। मुख्यमंत्री ने सचिव खनन को जांच के आदेश दिए हैं।