काशीपुर के गांव बैलजुड़ी स्थित नशा मुक्ति केंद्र में उपचाराधीन व्यक्तियों से जानकारी लेती आईजी
काशीपुर। पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल ने कुंडा थाना क्षेत्र के गांव बैलजुड़ी स्थित जीवन दान नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एसपी, सीएमएस व कुंडा थाना प्रभारी के साथ केंद्र से दस्तावेजों व डीवीआर आदि कब्जे में लेकर जांच के आदेश दिए हैं। आईजी ने सभी थाना-चौकी प्रभारी को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने क्षेत्र में खुले नशा मुक्ति केंद्रों की 15 दिन में जांच कर आख्या प्रस्तुत करें।
मंगलवार की देर शाम आईजी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए कोई कुक तैनात नहीं था, उपचाराधीन दो व्यक्ति खाना बना रहे थे। जांच में पाया कि केंद्र में इलाज के लिए कोई डॉक्टर की नियुक्ति नहीं है और न ही गार्ड तैनात किया गया है।
केंद्र में 12 व्यक्ति को रखने की व्यवस्था के विपरीत 20 भर्ती मिले। वहीं उपचाराधीन व्यक्तियों के सोने के लिए एक हॉल में फर्श में बिस्तर लगाए गए थे। हॉल के पास बने दो बाथरूम में साफ-सफाई व्यवस्था उचित नहीं थी।
वहीं केंद्र में नशे की लत से ग्रसित उपचाराधीन व्यक्तियों को नशा छुड़वाने के लिए कोई भी प्रशिक्षित चिकित्सक/काउंसलर/सामाजिक कार्यकर्ता नियुक्त नहीं था। बताया कि केंद्र में मरीज को भर्ती करते समय प्रशिक्षित मनोचिकित्सक का परीक्षण नहीं किया जाता है।
साथ ही केंद्र में उपचार के नाम पर केवल उनका ब्लडप्रेशर और शुगर मापा जाता है। आईजी ने अभिलेखों की जांच में पाया कि चिकित्सक ने माह में केवल दो बार ही केंद्र का निरीक्षण किया।
आईजी ने लगभग डेढ़ घंटे तक केंद्र में रहकर बारीकी से जांच-पड़ताल की।
साथ ही एसपी अभय सिंह, सीएमएस डॉ. राजीव चौहान व कुंडा थाना प्रभारी हरेंद्र चौधरी को मरीजों के इलाज संबंधित दस्तावेज, नशा मुक्ति रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, मरीजों के एडिमशन/डिस्चार्ज रजिस्टर/डीवीआर व अन्य दस्तावेज कब्जे में लेने के निर्देश दिए। साथ ही केंद्र संचालक की ओर से बरती गई लापरवाही के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए।