रुद्रपुर। खेती-किसानी के काम में आने वाले ट्रैक्टरों का धड़ल्ले से व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। हर साल बड़ी संख्या में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के व्यावसायिक उपयोग के कारण हादसे का खतरा रहता है। ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के पलटने के मामले सामने आते रहते हैं। परिवहन विभाग ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के व्यावसायिक उपयोग पर अक्सर कार्रवाई भी करता है।
इसी वित्तीय वर्ष के दो महीने में परिवहन विभाग के उप संभाग में ट्रैक्टर ट्रालियों के व्यावसायिक उपयोग के 36 मामले सामने आए हैं। बीते मई में 16 मामले पकड़े गए थे। उससे अप्रैल में 20 प्रकरण सामने आए थे। बात बीते वित्तीय वर्ष की करें तो वर्ष 2025-26 में 177 मामले सामने आए थे। वर्ष 2024-25 में 90 मामले सामने आए थे।
अक्सर रात में होता संचालन
परिवहन विभाग की नजरों से बचने के लिए ट्रैक्टर ट्रालियों का अक्सर रात में व्यावसायिक उपयोग किया जाता है। मुख्य सड़कों से हटकर आंतरिक सड़कों पर ट्रैक्टर ट्रालियों से सामान ढुलान होता दिखाई देता है। विभागीय कार्रवाई के दौरान भी अक्सर इस बात की पुष्टि होती है।
कोट
कृषि कार्य के लिए अनुमन्य ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के व्यावसायिक उपयोग पर प्रवर्तन दल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। व्यावसायिक उपयोग होने पर वाहन को सीज करने के साथ ही परमिट शर्त के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाती है। - मोहित कोठारी, एआरटीओ प्रशासन रुद्रपुर