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एक स्कूल ऐसा भी, 10वीं पास हैं शिक्षक और दो कमरों में चल रहीं 11 कक्षाएं

Fri, 10 May 2019 12:44 AM IST
yashwant yashwant अमर उजाला ब्यूरो
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काशीपुर में एक निजी स्कूल में दस्तावेजों की जांच करती टीम। - फोटो : अमर उजाला
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शिक्षा विभाग की टीम ने निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों के खिलाफ ग्रामीण क्षेत्र के निजी स्कूलों में छापा मारा। टीम को सरकारी सहित चार विद्यालयों में भारी अनियमितताएं मिलीं। आलम यह था कि एक स्कूल में 10वीं पास शिक्षक अध्यापन करा रहे थे।
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बृहस्पतिवार को शिक्षा विभाग की टीम शिव बाल विद्या मंदिर बरखेड़ा पांडेय पहुंची। यहां पर 10वीं पास अध्यापक बच्चों को शिक्षा देते मिले। इसके साथ ही पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें चलती मिलीं। विद्यालय भवन के नाम पर महज दो छोटे कमरों में 11 कक्षाएं संचालित होती मिली। साथ ही बिना मान्यता के कक्षा छह से आठ की कक्षाएं भी संचालित होती पाई गईं। 

इसके बाद टीम राजकीय प्राथमिक विद्यालय अहरपुरा पहुंची। जहां पर एमडीएम लकड़ी जलाकर चूल्हे पर पकता मिला। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने टीम को एक वर्ष पूर्व सिलिंडर और सामान चोरी होने की बात कही। इसके बाद टीम टेंपल ऑफ एजुकेशन अकादमी अहरपुरा पहुंची। इस मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षाएं बरामदे में पर्दे डालकर संचालित होती मिलीं। जो आरटीई के मानकों को पूरा नहीं करती है। प्रधानाध्यापक गौरव गुप्ता ने टीम को बताया कि प्रबंधक ओम कुमार गुप्ता ने किसी भी अध्यापक को नियुक्ति पत्र नहीं दिए साथ ही जांच में वेतन पंजिका भी अधूरी मिली। इसके बाद टीम अहरपुरा स्थित शालिग्राम रामप्यारी मेमोरियल स्कूल पहुंची लेकिन कक्षाएं टिन शेड में संचालित होना पाया गया। स्कूल के प्रबंधक देवेंद्र जोशी से डीएलएड और ब्रिज कोर्स से संबंधित दस्तावेज मांगे तो उसमे अध्यापकों के पंजीकरण में भारी अनियमितताएं मिली। टीम में प्रभारी उप शिक्षाधिकारी राजीव लोचन, समन्वयक युद्धवीर सिंह, सुरेश सिंह रहे। 
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विद्यालयों में नर्सरी कक्षाएं नियम विरुद्ध संचालित होती मिली हैं। सरकारी स्कूल के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना 100 मीटर से भी कम दूरी पर प्रत्येक गली में मान्यता प्राप्त स्कूल चलते मिले। विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए 10 दिन का नोटिस भेजा रहा है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 
-आरएस नेगी, बीईओ काशीपुर। 

कक्षा पांच के छात्र को नहीं आया पांच का पहाड़ा 
केलाखेड़ा। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने क्षेत्र के जीआईसी और प्राथमिक विद्यालय में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर सीईओ ने शिक्षकों की कड़ी फटकार लगाई। बृहस्पतिवार को सीईओ एके सिंह अचानक केलाखेड़ा के जीआईसी और प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बारीकी से जांच पड़ताल की। जीआईसी के प्रधानाचार्य एपी गंगवार ने जीआईसी के नए भवन पूर्ण होने पर विद्यालय स्थानांतरित करने की बात कही। प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच के एक छात्र को पांच का पहाड़ा न आने पर सीईओ ने मौजूद कक्षा अध्यापक ओमप्रकाश को कड़ी फटकार लगाते हुए शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। सीईओ ने क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी निरीक्षण किया।
 
आरटीई के तहत हुए दाखिलों में आय प्रमाण पत्रों की होगी जांच
गदरपुर। आरटीई के तहत मान्यता प्राप्त विद्यालयों में फर्जी आय प्रमाण पत्रों के सहारे अपने बच्चों का प्रवेश कराने वालों की खैर नहीं है। शिक्षा विभाग इन आय प्रमाण पत्रों की विभागीय स्तर पर भी जांच करवाएगा। बता दें कि आरटीई के तहत जमा किए जाने वाले आवेदनों के लिए 10 मई अंतिम तिथि घोषित की गई है। बीआरसी समन्वयक मोहन लाल राजभर ने बताया की वर्तमान में 350 से अधिक आवेदन जमा हो चुके हैं। कक्षा-एक में प्रवेश लेने वाले बच्चे की आयु 6 से 7 वर्ष तक होनी चाहिए। जिस वार्ड में स्कूल है उस वार्ड में रहने वाले बच्चे को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इधर, उप शिक्षाधिकारी रवि मेहता ने बताया कि आरटीई के तहत होने वाले प्रवेश की प्रक्रिया में पूर्णता पारदर्शिता अपनाई जाएगी। 
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