पुलिस ने कोविड-19 महामारी से बचाव में प्रयुक्त होने वाली जीवन रक्षक दवाइयों की कालाबाजारी करते एक कारोबारी को पकड़ा। पुलिस ने उसकी कार सीज कर दी। उसके पास से पैरासिटामोल टेबलेट, मेडाकफ सीरप, मीकास्कोट इंजेक्शन सहित दो लाख की दवाइयां बरामद कीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ महामारी अधिनियम तथा ड्रग्स और कॉस्मेटिक एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। एसएसपी डीएस कुंवर ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
सीओ खटीमा मनोज ठाकुर की ओर से थानाध्यक्ष के नेतृत्व में कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए टीम गठित की गई। सोमवार की की देर शाम थानाध्यक्ष ने मुखबिर की सूचना पर टीम के साथ भारत गैस एजेंसी के पास खड़ी कार को पकड़ा। तलाशी लेने पर कार के अंदर दवाइयों की पांच पेटी रखी मिलीं। पुलिस ने कार सवार ग्राम नकुलिया निवासी रंजीत सिंह कंबोज को दबोच लिया। पूछताछ में रंजीत ने बताया कि वह नकुलिया स्थित खिंडा मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदकर नानकमत्ता क्षेत्र में सप्लाई करता है। आरोपी कार से बरामद दवाइयों का कोई पर्चा नहीं दिखा सका।
पुलिस ने आरोपी की कार सीज कर उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक अधिनियम 1940 के तहत कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर सुधीर कुमार तथा जीएसटी चोरी के लिए वाणिज्य कर अधिकारी खटीमा को पत्र भेजा है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट, प्रकाश आर्या, हेम चंद फुलारा, पंकज बेनीवाल आदि थे।