बाजपुर। मृत नवजात के पिता सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से गुस्साए लोगों ने तहसील में सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने अस्पताल संचालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की।
दो मई को गांव बद्रीपुर निवासी वीरू ने अपनी गर्भवती पत्नी दीपा को प्रसव के लिए रामपुर रोड स्थित एक अस्पताल मेें भर्ती कराया था। इस दौरान नवजात की मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने हंगामा किया। मदद के लिए पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता अनंत जैन, उशांत सब्बरवाल सहित अन्य लोगों ने अस्पताल संचालक और डॉक्टर से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।
सोमवार को अस्पताल के संचालक रफी मिर्जा की तहरीर पर पुलिस ने नवजात के पिता वीरू, सामाजिक कार्यकर्ता अनंत जैन, उशांत सब्बरवाल और चार अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को तहसील में अखिल भारतीय बाल्मीकि दलित समाज सुधार संगठन के अध्यक्ष अनिल वाल्मीकि ने साथियों के साथ सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने वीरू की तहरीर पर अस्पताल संचालक और डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने तथा पीड़ित सहित अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की। वहां अरविंद श्रीवास्तव, जितेंद्र यादव, जावेद वारसी, मो. जुनैद, सुमित चौधरी आदि थे।