अग्निशमन विभाग की बड़ी विडंबना है कि पांच हाइड्रेंट सुधर नहीं रहे हैं और 12 नए हाइड्रेंटों का प्रस्ताव विभाग कई सालों से शासन को भेजता आ रहा है। ऐसे में आग की घटनाओं में कर्मचारी त्वरित एक्शन कैसे ले सकेंगे यह एक प्रश्न चिह्न है। इतना ही नहीं विभाग के पास न तो लीडिंग फायरमैन है और न ही स्थायी चालक। ऐसे में संविदा चालकों से ही विभाग काम चला रहा है।
गर्मियों के सीजन में काशीपुर अग्निशमन विभाग के सामने काशीपुर, बाजपुर दोनों क्षेत्रों में आग बुझाने की चुनौती होती है। ऐसे में आग की घटनाओं के दौरान कर्मचारियों को लीड करने के लिए अनुभवी लीडिंग फायरमैनों की जरूरत होती है। साथ ही समय से वाहन घटनास्थल में पहुंचे इसके लिए अनुभवी चालकों का होना भी जरूरी है।
लेकिन दोनों ही मामलों में विभाग के हाथ खाली हैं। काशीपुर में आग की घटनाओं के दौरान दूर तक पानी लेने के लिए जाने की जरूरत न पड़े इसके लिए कई साल पहले अलग-अलग क्षेत्रों में पांच हाइड्रेंट बनाए गए थे, लेकिन इनमें एक दशक से तीन हाइड्रेंट पूरी तरह से खराब पड़े हैं और जो दो सही भी है उसमें भी कुछ कमियां है।
हाइड्रेंटों को ठीक करने का जिम्मा जल संस्थान के पास है। ऐसे में अग्निशमन विभाग प्रत्येक वर्ष जल संस्थान से पत्राचार तो करता है लेकिन समस्या आज भी जस की तस ही बनी हुई है। अधिकतर आग की घटनाओं में अग्निशमन विभाग को फैक्ट्रियों का मुंह ताकना पड़ता है।
सालों से प्रस्तावित चले आ रहे यह 12 हाइड्रेंट
आवास विकास तिराहे के पास, मोहल्ला कानूनगोयान तिराहे के पास, मोहल्ला अल्ली खां तिराहे के पास, बुरा बताशे वाली गली तिराहे पर, कटोराताल चौकी नाले के पास, चीमा चौराहे के पास, टांडा चौराहा पर, पीडब्लूडी गेस्ट हाउस के पास, पॉलीटेक्निक के पास, चैती चौराहे पर, फायर स्टेशन, कुंडेश्वरी तिराहे के पास
बाजपुर में भूमि तो है लेकिन नहीं बन सका कार्यालय
बाजपुर में अग्निशमन विभाग को भूमि उपलब्ध हो चुकी है, लेकिन तीन साल पहले मिल चुकी भूमि पर फायर स्टेशन नहीं बन सका है। काशीपुर से ही बाजपुर क्षेत्र में होने वाली आग की घटनाओं को देखा जाता है। ऐसे में फायर वाहनों को पानी लेकर बाजपुर पहुंचने में करीब एक घंटा लग जाता है। इससे त्वरित गति से पीड़ितों को सहायता नहीं मिल पाती है।
आग के समय अग्निशमन विभाग को इन फैक्ट्रियों से लेनी पड़ती है सहायता
आईजीएल, वीडियोकॉन, श्रवंथी, सिद्धार्थ पेपर मिल, नैनी पेपर मिल
लीडिंग फायरमैन, चालकों की कमी है, संविदा के चालकों से काम चलाया जा रहा है। पांच में से तीन हाइड्रेंट खराब हैं, इसको सही करने के लिए जल संस्थान को पत्र लिखा जा रहा है। प्रमोशन भर्ती चल रही है, भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारियों की कमी पूरी हो जाएगी।
- रमेश चंद्र शर्मा, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, अग्निशमन विभाग।