शहर की सरकारी सस्ते गल्ले विक्रेताओं को अब अधिकारियों का भी डर नहीं रहा है। अधिकारियों की सख्त हिदायतों के बावजूद भी रविवार को शहर की कई सस्ता गल्ले की दुकानें बंद रहीं।
कार्ड धारकों की मानें तो उनका कहना है कि रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहता है। जब विभाग कार्यदिवस में छापेमारी नहीं करता है तो वह छुट्टी के दिन कहां से छापेमारी करेगा।
शहर की सस्ते गल्ला विक्रेता सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इससे विभाग के लाचार व्यवस्था का पता चलता है। खबर छपने के बाद भी विभागीय अधिकारी छुट्टी का बहाना बनाते रहे तो सस्ता गल्ला विक्रेता अधिकारियों की डर से बेखौफ रहे।
कुछ दुकानों को छोड़कर शहर की अधिकांश दुकानें बंद रही।
अमर उजाला की टीम 3 बजे जब खेड़ा की दुकानों में पहुंची तो दो दुकानों में ताला लगा था। ट्रांजिट कैंप में भी 2 राशन की दुकानें बंद पाई गईं। ऐसा ही हाल शहर की और सस्ता गल्ला दुकानों का था।