रुद्रपुर के रेनबो स्कूल में छापा मारती शिक्षा विभाग की टीम।
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रेनबो पब्लिक स्कूल में शिक्षा विभाग की टीम के छापे में निजी पब्लिकेशन की किताबें मिलीं। स्कूल में पहुंचे अभिभावकों ने प्रबंधन पर जबरन किताबें लगवाने का आरोप लगाया। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति शिक्षा निदेशालय को की है।
आदर्श कॉलोनी स्थित रेनबो पब्लिक स्कूल में शनिवार को अभिभावकों की शिकायत पर सीईओ डॉ. पीएन सिंह, डीईओ बेसिक रवि मेहता, बीईओ मातादीन गौतम और उप शिक्षा अधिकारी गुंजन अमरोही ने छापा मारा। अचानक हुई कार्रवाई से स्कूल प्रबंधन में खलबली मच गई। टीम ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों के बैग जांचे। निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रबंधक और प्रधानाचार्य के साथ सख्ती से पेश आए। टीम के एनओसी दिखाने को कहने पर स्कूल प्रबंधन ने एनओसी दिखाने से मना कर दिया।
इधर, स्कूल में मौजूद अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि उनके बच्चों से जबरन निजी स्कूलों की किताबें लगवाने को कहा जा रहा है। सीईओ डॉ. सिंह ने बताया कि छापे के दौरान स्कूल में काफी संख्या में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें मिलीं। स्कूल प्रबंधन ने जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं किया और एनओसी भी नहीं दिखाई। स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति शिक्षा निदेशालय से की जा रही है।
इधर, स्कूल के निदेशक संजीव मलिक ने कहा कि एनसीईआरटी की सभी किताबें उपलब्ध न होने के कारण कुछ किताबें निजी प्रकाशन की भी लगाई थीं, लेकिन सभी किताबें निजी प्रकाशन की नहीं थीं। बता दें कि इससे पूर्व 19 अप्रैल को शहर के शिव नगर स्थित आस्था जूनियर हाईस्कूल में छापे के दौरान भी निजी प्रकाशन की पुस्तकें मिली थीं, उस स्कूल पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया था।
साथ ही स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी गई थी कि दो दिन के भीतर अभिभावकों को किताबों का पैसा नहीं लौटाया गया तो स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। इस संबंध में डीईओ बेसिक रवि मेहता ने बताया कि रविवार होने के कारण स्कूल प्रबंधन को एक दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है। सोमवार तक यदि अभिभावकों को रुपये नहीं लौटाए गए तो स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जाएगी।