अब डायलिसिस के लिए मरीजों को हल्द्वानी या अल्मोड़ा के बेस अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। जनवरी के आखिर से जवाहर लाल नेहरू जिला अस्पताल में ही मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिलने लगेगी। जिला अस्पताल में डायलिसिस केंद्र को पीपीपी मोड पर शुरू करने का करार सरकार और राही केयर कंपनी के बीच पूर्व में हो चुका है।
बदलती जीवनचर्या और खानपान से जिले में भी किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रुद्रपुर स्थित जिला अस्पताल में जल्द ही 20 मशीनों के साथ डायलिसिस सेंटर शुरू होगा। शुरुआत में एक बार में 18 मशीनों पर डायलिसिस करने की तैयारी है। डायलिसिस केंद्र को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर में पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए सरकार राही केयर कंपनी के साथ पूर्व में करार कर चुकी है। यह सेंटर तीन कमरों में संचालित होगा। जल्द ही डायलिसिस मशीनें पहुंच जाएंगी। शुरूआत में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों को केंद्र में नि:शुल्क सुविधा मिलेगी। अटल आयुष्मान योजना के तहत भी इसका लाभ देने की तैयारी चल रही है।
पैलिएटिव केयर वार्ड का कार्य तेज, कैथ लैब का लटका
रुद्रपुर। जिले में मरीजों की सुविधा के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग तेजी से कार्य कर रहे हैं। जिला अस्पताल में गंभीर बीमारियों के मरीजों की देखभाल के लिए पैलिएटिव केयर वार्ड का कार्य भी तेजी से चल रहा है। कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित, जिनमें एक समय के बाद इलाज बेअसर हो जाता है। ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल में पैलिएटिव केयर वार्ड यानी प्रशामक या दर्द निवारक देेखभाल की सुविधा भी जल्द मिलेगी, जबकि जिला अस्पताल में सरकारी कैथ लैब का कार्य लटक गया है।
जिला अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से फिलहाल कैथ लैब के जल्द शुरू न हो पाने की आशंका है। यदि जिला अस्पताल में कैथ लैब शुरू हो जाती तो मरीजों को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, बाईपास सर्जरी और पेस मेकर की सुविधा भी मिल जाती।