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तराई में गला तर करने को पानी नहीं

Wed, 10 May 2017 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
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भीषण गर्मी से झुलस रही तराई के शहर रुद्रपुर में सरकारी हैंडपंप अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। देखरेख, मरम्मत के अभाव में अधिकांश हैंडपंप सूखे हैं। इससे लोगों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है।
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शहर में मुख्य स्थानों पर लगे 24 से अधिक इंडिया मार्का हैंडपंप खराब हैं। हालत यह है कि इन हैंडपंपों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। नगर निगम प्रशासन ने हैंडपंप लगाने बाद उनकी सुध नहीं ली है। मुख्य स्थानों कही बात करें तो आदर्श कॉलोनी पुलिस चौकी, इंडेन गैस एजेंसी, इंदिरा कॉलोनी, सिंह कॉलोनी, सुभाष कॉलोनी, आदर्श इंदिरा बंगाली कॉलोनी, रंपुरा, भदईपुरा, खेड़ा सहित अन्य बस्तियों में 24 से अधिक हैंडपंप खराब हैं। 

भीषण गर्मी में भी नगर निगम प्रशासन इन हैंडपंपों की मरम्मत कराने के लिए गंभीर नहीं है। आम तौर पर गर्मी के सीजन से पूर्व ही प्रशासन पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करता है, लेकिन शहर में प्रशासन की तैयारी शून्य है। बस्तियों के लोग कई बार खराब हैंडपंपों को ठीक कराने की मांग उठा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूट रही। अधिकतर हैंडपंप खराब होने से लोगों को पेयजल के लिए दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। 
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सरकारी हैंडपंपों से अधिकांश गरीब परिवारों को पेयजल मुहैया होता है, इनके खराब होने से गरीब परिवारों के लोग कम गहराई वाले नलों का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इस संबंध में मेयर सोनी कोली कहा कहना है कि शहर में पेयजल व्यवस्था के लिए शीघ्र ही नगर निगम की ओर से प्याऊ लगाने की व्यवस्था की जायेगी। साथ ही जिन वार्डों में हैंडपंप खराब पड़े हैं, वहां के पार्षदों के माध्यम से हैंडपंपों को चिन्हित कर मरम्मत की जायेगी।

विधायक का आश्वासन निकला हवाई
इंडेन गैस एजेंसी में बीते दिनों पेयजल के लिए मुखर हुए ठेका कर्मचारियों को दिया गया विधायक राजकुमार ठुकराल का आश्वासन हवाई साबित हुआ है। गैस के ठेका कर्मियों ने परिसर में स्थित हैंडपंप ठीक कराने के लिए कई घंटे तक गैस का वितरण रोककर धरना शुरू कर दिया था, इसकी सूचना पर विधायक ठुकराल मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से टेलीफोन पर वार्ता करके दो दिन के भीतर हैंडपंप ठीक कराने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। इस बात को करीब दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन हैंडपंप की हालत अभी भी जस के तस है।
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