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उत्तराखंड: 14 साल पहले हाईवे जाम करने का मामला, दो विधायकों समेत 24 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट

Thu, 17 Sep 2026 11:19 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, काशीपुर (ऊधमसिंह नगर)

सार

दूसरे समुदाय के युवक पर एक युवती को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने 15 जुलाई 2012 को काशीपुर-जसपुर हाईवे पर जाम लगाया था। इस मामले में जसपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक जेसी पाठक ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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कोर्ट - फोटो : ANI प्रतीकात्मक तस्वीर)
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विस्तार
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राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने के 14 साल पुराने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दो विधायकों समेत 24 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। अभियोजन वापसी की याचिका को खारिज करते हुए नैनीताल उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को मामले में जल्द सुनवाई करने के आदेश दिए थे।

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दूसरे समुदाय के युवक पर एक युवती को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने 15 जुलाई 2012 को काशीपुर-जसपुर हाईवे पर जाम लगाया था। इस मामले में जसपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक जेसी पाठक ने जसपुर कोतवाली में गदरपुर के विधायक अरविंद पांडेय, आदेश चौहान, तत्कालीन विधायक राजकुमार ठुकराल, हरभजन सिंह चीमा, पूर्व सांसद बलराज पासी, समेत जितेंद्र चौधरी, शीतल जोशी, अजय अग्रवाल, त्रिलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, रमेश, रनजीत, सुखवीर, महाराज, सुन्नी, परविंदर उर्फ बंटी, अशोक, सुखबीर उर्फ पहलवान, राजीव, खिलंदर चौधरी, हैप्पी उर्फ हरप्रीत सिंह, सीमा चौहान, नरेंद्र मानस व रनजीत आदि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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9 अक्तूबर 2014 को काशीपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान लेकर ट्रायल शुरू किया। 2 सितंबर 2019 को राज्य सरकार ने इस केस को वापस लेने का निर्णय ले लिया। तत्कालीन सहायक अभियोजन अधिकारी ने 20 सितंबर 2019 को केस वापसी के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई जिसे एसीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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जिला एवं सत्र न्यायालय से भी आरोपियों को कोई राहत नहीं मिली।

निचली अदालतों के आदेशों को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। नैनीताल हाईकोर्ट की एकल पीठ न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी ने 14 अगस्त 2026 को इस याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि यह घटना 2012 की है, इसलिए ट्रायल को शीघ्रता से पूरा किया जाए। न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार की कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इससे आरोपियों में खलबली मची हुई है।

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