रुद्रपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले संविदा स्वास्थ्यकर्मी दो महीनों से वेतन के बिना काम करने के लिए मजबूर हैं। अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में दिन-रात सेवा दे रहे इन कर्मियों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
संविदा कर्मियों का कहना है कि इससे पहले भी वेतन भुगतान में लापरवाही सामने आई थी। डीएम और सीडीओ के हस्तक्षेप के बाद अक्तूबर का वेतन दिसंबर में जाकर मिला। अब नवंबर और दिसंबर का वेतन अटक गया है। लगातार हो रही देरी से कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश है। संविदा कर्मियों का कहना है कि वेतन न मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। किराया, बच्चों की स्कूल फीस, बिजली-पानी के बिल और दवाइयों तक के पैसे जुटाना चुनौती बन गया है।
कोट
संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन भुगतान को लेकर जानकारी ली जा रही है। संबंधित स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही वेतन जारी कराने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. केके अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी