काशीपुर। गर्मी शुरू होने के बावजूद राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुद्ध पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। शौचालय, कक्षा-कक्ष, लैब की हालत भी खराब है।
राधेहरि महाविद्यालय में करीब छह हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसके बावजूद महाविद्यालय में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नाकाफी है। कई छात्र-छात्राओं को परिसर से बाहर जाकर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। कॉलेज के कक्षा-कक्ष में पर्याप्त मात्रा में फर्नीचर तक नहीं है। बड़ी संख्या में टूटे कुर्सी-मेज इधर-उधर पड़े हैं लेकिन कॉलेज प्रशासन उनकी मरम्मत तक नहीं करा रहा। महिला-पुरुष शौचालयों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण वहां गंदगी रहती है। कई शौैचालयों के दरवाजे तक टूटे हैं।
कॉलेज भवन में कई जगह वायरिंग उखड़ी है। वहां बिजली की लाइन लटक रही है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। कॉलेज की लैब और कक्षा-कक्ष में रोशनी की भी पर्याप्त न होने से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पिछले दिनों हुई क्रीड़ा प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि विधायक त्रिलोक सिंह चीमा भी कॉलेज में आए थे। तब छात्रसंघ अध्यक्ष गुरकीरत सिंह भुल्लर और अभाविप के सदस्य सूर्यम श्रीवास्तव ने उन्हें मांगपत्र सौंप कर समस्या सुलझाने की मांग की। बताया कि प्राचार्य को कई बार लिखित मांगपत्र सौंपने के बावजूद समस्या नहीं सुलझ सकी है।
महाविद्यालय में टूट-फूट और पेयजल की समस्या का समाधान करना कॉलेज के प्राचार्य का कार्य है। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन से बात करके व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कहूंगा। छात्र हित में जो भी समस्याएं होगी उनको दुरुस्त कराने का प्रयास कराया जाएगा। - डॉ. सीडी सूंठा, निदेशक, उच्च शिक्षा उत्तराखंड।