कीर्तिराज रुमाल
रुद्रपुर। उत्तराखंड को वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर सैंपलिंग और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं लेकिन ऊधमसिंह नगर में पिछले आठ माह में 211 टीबी रोगी ऐसे मिले हैं, जिनके पास टीबी के इलाज के सरकार से मिलने वाली राशि लेने के लिए बैंक खाते तक नहीं हैं। इस कारण उन्हें निक्षय पोषण योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार ने टीबी के साधारण और एमडीआर रोगियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए निक्षय पोषण योजना शुरू की है। इसके तहत साधारण टीबी रोगियों को प्रतिमाह 500 रुपये के हिसाब से छह माह का कोर्स पूरा होने तक 3,000 हजार रुपये देय हैं।
इसी तरह एमडीआर अथवा टीबी के गंभीर मरीजों को 12 से 24 माह का कोर्स पूरा होने तक 6,000 से 12,000 रुपये मिलते हैं। यह राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे मरीजों के बैंक खातों में भेजी जाती है लेकिन गरीबी और अशिक्षा के कारण कई टीबी रोगियों के पास बैंक खाते तक नहीं हैं।
ऊधमसिंह नगर जिले में इस साल अगस्त तक चिह्नित कुल 3,165 टीबी मरीजों में से 211 के बैंक खाते तक नहीं मिल सके। इस कारण उन्हें निक्षय पोषण योजना के लाभ से वंचित होना पड़ा।
280 टीबी मरीजों के बैंक खाते निरस्त
रुद्रपुर। जिले में 2,954 टीबी मरीजों ने निक्षय पोषण योजना का लाभ लेने के लिए अपने बैंक खाते स्वास्थ्य विभाग को बताए थे, लेकिन लंबे समय से बैंक खातों का इस्तेमाल न होने, न्यूनतम राशि खाते में न होने, गलत आईएफएस कोड के कारण 280 खाते निरस्त कर दिए गए हैं। अब जिले में 2,674 मरीजों के खातों में निक्षय पोषण योजना की राशि पहुंच रही है।
उत्तराखंड को एक वर्ष पहले टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
रुद्रपुर। देश के सभी राज्यों को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है लेकिन उत्तराखंड राज्य को यह लक्ष्य 2024 तक पूरा करना है। चूंकि पौष्टिक भोजन भी टीबी रोगियों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जिस कारण यह पैसा भी उनके इलाज का ही हिस्सा है, इसलिए इस राशि के अभाव में उत्तराखंड को टीबी मुक्त करने का अभियान प्रभावित हो सकता है।
कुछ टीबी मरीजों के बैंक खाते निरस्त हुए हैं। उन्हें बैंक खाते खोलने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उत्तराखंड को टीबी मुक्त करने से पहले ऊधमसिंह नगर की हर पंचायत को टीबी मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. राजेश आर्या, जिला क्षय रोग अधिकारी।