एनएच की जद में आ रहे एक मंदिर को हटाने को लेकर गुरुवार को किच्छा रोड स्थित रामनगर गांव में जमकर बखेड़ा हुआ। अनशन पर बैठे कांग्रेस नेता अरुण शुक्ला किन्नू ने कार्यदायी संस्था गल्फार कंपनी के तीन कर्मचारियों को घंटों बंधक बना लिया। बंधक बनाए गए कर्मचारियों को छुड़ाने आई पुलिस के साथ उनकी जमकर नोंकझोंक हुई। मामला बढ़ने पर पुलिस ने कांग्रेस नेता को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया है।
किच्छा रोड पर इन दिनों एनएच चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसकी जद में बगवाड़ा चौकी क्षेत्र में स्थित रामनगर गांव के शिवमंदिर का एक हिस्सा भी आ रहा है। ग्रामीण शिव मंदिर को बचाने की मांग कई दिनों से कर रहे हैं। यह मामला पिछले दिनों सीएम के दरबार में भी उठा था। बीते दिवस एनएच अधिकारियों ने मंदिर के शिवलिंग को हटाकर उसे थोड़ा पीछे स्थापित करने के लिए ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बृहस्पतिवार को पूर्व दर्जा मंत्री एवं कांग्रेस नेता अरुण शुक्ला किन्नू मंदिर को बचाने के लिए अनशन पर बैठ गए, उनके साथ तमाम ग्रामीण भी धरने पर बैठ गए। इसी बीच दोपहर 3 बजे मंदिर के सामने गल्फार कंपनी की जेसीबी मंदिर के सामने तोड़फोड़ करने पहुंची तो अनशन पर बैठे किन्नू भड़क गए।
उन्होंने जेसीबी चालक महेंद्र और श्रमिक जमील, फूल सिंह को मंदिर के एक कमरे में बंधक बना बाहर से ताला लगा दिया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने शुक्ला से तीनों श्रमिकों को छोड़ने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में किच्छा के सीओ हरीश मेहरा और रुद्रपुर कोतवाल जेसी पाठक, एसएसआई बीएल वर्मा भी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उनके मनाने पर शुक्ला ने तीनों श्रमिकों को छोड़ने के लिए चाबी दे दी।
लेकिन वह इस बात पर अड़ गये कि मंदिर के सामने काम किसी भी हालत में शुरू नहीं होने देंगे। साथ ही शुक्ला ने ऐलान कर दिया कि मंदिर को हटाने का काम शुरू किया तो वह पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लेंगे। कांग्रेस नेता की धमकी से पुलिस सकते में आ गई। मामला बढ़ता देख एसडीएम पंकज उपाध्याय और सीओ मंजूनाथ भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान अधिकारियों के साथ भी कांग्रेस नेता की तीखी नोकझोंक हुई। भारी फोर्स की मौजूदगी में मंदिर के सामने फिर से जेसीबी चलाकर काम शुरू किया गया तो शुक्ला जेसीबी के सामने लेट गए। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें गाड़ी में डाल लिया और कोतवाली ले आई। इस दौरान वहां अंकुर सिंह, फरियाद शाह, मिंटू चौधरी, अंग्रेज सिंह, देवेंद्र दुबे, पप्पू मिश्रा, आशीष सिंह, लियाकत अली, महबूब मियां, गुलाब शाह, राकेश यादव, मैसर खां आदि ने भी पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
पूर्व दर्जा मंत्री किन्नू शुक्ला द्वारा एनएच चौड़ीकरण में लगे तीन कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने पर गल्फार कंपनी ने जिले भर में अपना काम रोक दिया है और कंपनी के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कंपनी के अधिकारियों ने कांग्रेस नेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि आए दिन निर्माण को लेकर उन्हें परेशान किया जाता है, अब इस पर ठोस फैसला हुए बिना वह काम नहीं करेंगे। बाद में कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी होने पर अधिकारी शांत हुए और पुलिस की निगरानी में काम शुरू किया गया।
एनएच चौड़ीकरण में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने गल्फार कंपनी के अधिकारी पीके चौधरी की तहरीर पूर्व दर्जा मंत्री एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य अरुण शुक्ला किन्नू के खिलाफ धारा 147, 342, 347, 504, 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल उन्हें कोतवाली में पुलिस हिरासत में रखा गया है। पुलिस ने जिन धाराओं में पूर्व दर्जा मंत्री पर मुकदमा दर्ज किया, उसके चलते उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
पूर्व दर्जा मंत्री अरुण शुक्ला किन्नू की दबंगई गुरुवार को पुलिस के सामने नहीं चल पाई। उन्होंने अधिकारियों को पेट्रोल डालकर आत्मदाह देकर दबाव में लेने का प्रयास किया तो कभी जेसीबी और बुल्डोजर के सामने लेटकर पुलिस को पीछे हटने के लिए मजबूर करने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे कांग्रेस नेता की नहीं चल पाई। पुलिस ने न सिर्फ उन्हें बलपूर्वक उठाया बल्कि उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला भी दर्ज कर लिया।
पूर्व ब्लाक प्रमुख अरुण शुक्ला ने कार्यदायी संस्था गल्फार के जिन तीनों कर्मचारियों को बंधक बनाया, उनकी खातिरदारी भी की गई। शुक्ला ने उन्हें जूस, मिठाई खिलाई। इस दौरान शुक्ला ने बंधक बनाए गए कर्मचारियों से कहा कि उनका कर्मचारियों से कोई विवाद नहीं है बस वह चाहते हैं कि उनकी कंपनी गल्फार के अधिकारी मौके पर आएं ताकि उनसे बात की जा सके।