खटीमा। बिना सुविधा के एनएच पर टोल वसूलने के विरोध में व्यापारियों ने एसडीएम की मौजूदगी में हुई वार्ता में जमकर हंगामा किया। साथ ही व्यापारियों ने बुधवार को सांकेतिक धरना देने की चेतावनी दी।
सोमवार को तहसील सभागार में व्यापारियों के साथ अधिकारियों की बैठक हुई, लेकिन एनएच अधिकारियों के समय पर नहीं पहुंचने से आक्रोशित व्यापारी सभागार से निकलकर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब ढाई घंटे बाद पहुंचे अधिकारियों पर व्यापारी जमकर बरसे।
एसडीएम निर्मला बिष्ट की मौजूदगी में व्यापारियों ने पालिका की नालियां ध्वस्त करने, सितारगंज रोड, कोतवाली और जलसंस्थान के आगे, टनकपुर रोड पर कई जगहों पर कार्य पूरा नहीं होने, बिना रोडमैप और टेंडर प्रक्रिया के मनमाफिक काम कर 21 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
व्यापारियों ने बिना बाईपास निर्माण किए यात्रियों से मनमाना टैक्स वसूलने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा के पास एंबुलेंस, क्रेन, शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं है। एनएच के अधिकारी व्यापारियों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
इस पर एसडीएम ने कहा कि एनएच उठाए गए मुद्दों को पूरा करेगा लेकिन टोल वसूली चलती रहेगी। इधर, व्यापारियों ने बुधवार को एनएच के विरोध में सांकेतिक धरने की घोषणा की है।
बैठक में तहसीलदार यूसुफ अली, एसएसआई देवेंद्र गौरव, एनएच के साइड इंचार्ज निशांत त्रिपाठी, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना, कामिल खान, नवीन बोहरा, मनोज बाधवा, अमन अरोड़ा, कमल बिष्ट, राजेंद्र कुरिया, दिलबाग सिंह, अजीत सिंह, हरमीक सिंह, चौ. सुदेशपाल सिंह, नासिर खान, हिमांशु अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, हाफिज रहमान, रईस अहमद, अख्तर मंसूरी, सुनील ग्रोवर, विमलेश मौर्य, रामबाबू, रोहित सक्सेना, विजय गुप्ता आदि थे।