एसडीएम के निर्देश पर राजस्व और खनन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के ईंट भट्टों पर औचक छापेमारी की। इससे भट्टा मालिकों में हड़कंप मच गया। टीम ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से संबंधित अभिलेख और रायल्टी न दिखाने पर तीन भट्टों को सीज कर दिया और दो भट्टों के मालिकों को तत्काल बकाया रायल्टी जमा करने के निर्देश दिए है।
बृहस्पतिवार को एसडीएम एपी बाजपेयी के निर्देश पर राजस्व और खनन विभाग की टीम ने ईंट भट्टों पर छापेमारी की। इससे भट्टे मालिकों में हड़कंप मच गया।
टीम ने भट्टों के अभिलेखों की जांच की तो गगनपुर के बाबा ब्रिक फील्ड पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और रायल्टी के प्रपत्र नहीं मिले। गोविंदपुर का हिना ब्रिक फील्ड और सैंजनी का कादरी ब्रिक फील्ड भी एनजीटी प्रपत्र के बिना चलते हुए पाया गया। इस पर टीम ने तीनों भट्टे सीज कर दिए।
पचपेड़ा के नानकमत्ता ब्रिक फील्ड और खैराना के किसान ब्रिक ग्रामोद्योग विकास समिति पर एनजीटी और पुरानी दर से रायल्टी के प्रपत्र दिखाए। इस पर टीम ने दोनों भट्टे मालिकों को बकाया रायल्टी तत्काल जमा करने के आदेश दिए है। एसडीएम बाजपेयी ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण नई दिल्ली के आदेश पर भट्टों के खिलाफ औचक छापेमारी की गई है। बताया कि छापेमारी की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। टीम में नायब तहसीलदार एमएम बिष्ट, राजस्व निरीक्षक जोगा सिंह, मोहन गिरी, खनन विभाग के खनिज मोहर्रिर जय प्रकाश आदि थे।