केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सिडकुल की फैक्ट्रियों में की गई प्रदूषण जांच के बाद पहले चरण की रिपोर्ट एनजीटी में जमा कर दी है। एनजीटी ने आठ कंपनियों के सेंपल फेल होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं। इन फैक्ट्रियों के मामले पर एनजीटी 18 जून को सुनवाई करेगी।
उल्लेखनीय है कि सिद्ध गर्ब्यांग गांव के विस्थापित ग्रामीणों ने गत 19 फरवरी को सिद्ध गर्ब्यांग कल्याण सेवा समिति के माध्यम से फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले पानी और उनकी चिमनियों की काली राख को रोकने के लिए एनजीटी के जस्टिस आरएस राठौर को चिट्ठी लिखी थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। जस्टिस राठौर ने पत्र को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने अधिकारियों के साथ दौरा कर कुछ कंपनियों, सार्वजनिक नहर और गांव के हैंडपंपों के पानी के सैंपल भरे थे। 17 से 20 मई तक दिल्ली और लखनऊ के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले पानी, काली राख आदि के सेंपल भरे थे। बृहस्पतिवार को एनजीटी में जमा पहले चरण की रिपोर्ट में आठ कंपनियों के सेंपल फेल पाए गए हैं। इस पर जस्टिस रघुवेंद्र एस राठौर व विशेषज्ञ सदस्य सत्यवान सिंह गर्ब्याल ने पर्यावरण सचिव, ऊधम सिंह नगर के डीएम और एसएसपी को इन आठ कंपनियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं और कंपनियों को नोटिस जारी कर 18 जून को इस पर सुनवाई तय की गई है। कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद फैक्ट्री प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।
इन कंपनियों के सेंपल फेल मिले
सिडकुल की गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड, फ्लीटगार्ड फिल्टर्स, स्पेशलिटी इंडस्ट्रीयल पोलीमर्स एंड कोटिंग प्राइवेट लिमिटेड, हेंकन चेम्बोंड सरफेस एस टेक लिमिटेड, वेस्टर्न कन्सोलीडेटेड प्राइवेट लिमिटेड, बालाजी एक्शन विल्डबेल प्राइवेट लिमिटेड, रेकिट बेनकीजर यूनिट प्रथम और द्वितीय की रिपोर्ट मेें सेंपल फेल मिले हैं।
आदेश की प्रति अभी नहीं मिली है। आदेश मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. नीरज खैरवाल-जिलाधिकारी, ऊधम सिंह नगर।