काशीपुर। मां-बाप के बीच चल रहे तनाव का दंश 13 दिन की नवजात बच्ची झेल रही है। महिला ने अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया। नवविवाहिता ने पति व ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर बच्ची को ससुराल में छोड़ दिया।
अल्ली खां निवासी एक युवक का निकाह 11 फरवरी 2018 को करबला बस्ती निवासी एक युवती से हुआ था। युवक कश्मीर में बाइक और कार की सीटें बनाने का कार्य करता है। परिवार में पत्नी अपने सास-ससुर के साथ रहती है।
बीती जुलाई में पत्नी का अपने सास-ससुर से विवाद हो गया। इस पर वह जेवरात लेकर अपने मायके आ गई। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हुई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। तीन सितंबर को विवाहिता ने एक निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद छह सितंबर को महिला अपनी नवजात को ससुराल छोड़ आई। बीते दस दिनों से बच्ची मां से अलग रह रही है। सोमवार को पति व सास-ससुर बच्ची को लेकर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने बच्ची को मां के सुपुर्द करने की गुहार लगाई।
पुलिस ने बच्ची की मां व भाइयों को कोतवाली बुला लिया। कोतवाली में दोनों पक्षों आपस में भिड़ गए। विवाहिता का कहना था कि पति उसे मां-बाप के सहारे छोड़कर कश्मीर में रहता है। उसके सास-ससुर भी उसका उत्पीड़न करते हैं।
गर्भवती होने पर भी सास-ससुर ने उसकी कोई सुध नहीं ली। उसने जेवर गिरवी रखकर अस्पताल में हुई डिलवरी का बिल भरा। विवाहिता ने पुलिस से बच्ची को साथ ले जाने से इंकार कर दिया। इस पर बच्ची का पिता उसे अपने साथ ले गया।