रुद्रपुर। बढ़ते साइबर अपराध के बीच पुलिस के नए जवानों को अब साइबर और अपराधों की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इसका उद्देश्य उन्हें फील्ड में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए पहले से तैयार करना है।
प्रशिक्षण रुद्रपुर स्थित 31वीं-46वीं वाहिनी पीएसी में होगा। इसके साथ ही आईआरबी बैलपड़ाव में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। इन स्थानों पर एक-एक फोरेंसिक साइंस लैब का निर्माण हो रहा है। यह लैब रंगरूट पुलिस जवानों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगी।
उन्हें फोरेंसिक विज्ञान के सिद्धांतों और तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। साइबर अपराधों की पहचान और जांच के तरीके भी सिखाए जाएंगे। यह पहल पुलिस बल को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगी। नए जवान अपराधों की गहन जांच करने में निपुण हो सकेंगे। इससे अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
450 से अधिक जवान ले रहे प्रशिक्षण
पीएसी रुद्रपुर और आईआरबी बैलपड़ाव में नए पुलिस जवानों को ट्रेनिंग दी जाती है। यहां ट्रेनिंग के बाद उन्हें फील्ड पर उतारा जाता है। वर्तमान में 31वीं और 46वीं वाहिनी में 450 जवान प्रशिक्षण ले रहे हैं। पहली बार पुलिस विभाग जवानों को साइबर अपराध की पहचान और जांच के बारे में बताएगा। इसके अलावा फोरेंसिक साइंस लैब में डीएनए, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक्स, और रसायन विज्ञान का विश्लेषण और उनका महत्व के बारे में बताया जाएगा।
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पीएसी में नए पुलिस जवानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। 31वीं वाहिनी पीएसी में फोरेंसिक साइंस लैब बन रही है। जहां नए जवानों को प्रशिक्षण मिलेगा। साइबर अपराध के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
- मिथिलेश कुमार सिंह, उप सेनानायक, 31वीं वाहिनी पीएसी।