रुद्रपुर। तराई का रोडवेज डिपो नई बसों के लिए तरस गया है। डिपो को वर्ष 2019-20 से नई बसों का आवंटन नहीं हुआ है। पुरानी बसों के सहारे यात्री परिवहन सेवा का संचालन हो रहा है।
डिपो के बेड़े में शामिल 41 बसों में से 10 लाख किमी से अधिक सफर तय कर चुकी 11 बसों की नीलामी की संस्तुति डिपो प्रबंधन कर चुका है। इनमें से दो बसों को डिपो की कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है।
नौ कंडम बसों का संचालन लोकल के रूटों पर किया जा रहा है। डिपो की पुरानी बसों में लगातार खराबी आ रही है। बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इसका असर डिपो की आय पर भी पड़ रहा है।
डिपो के बेड़े में शामिल सभी बसें आठ-नौ लाख किलोमीटर से अधिक सफर तय कर चुकी हैं।
10 लाख किलोमीटर चलने के बाद बसों को कंडम घोषित करने का नियम है लेकिन इस डिपो में यह नियम भी दरकिनार कर दिया गया है। 47 अनुबंधित बसों के भरोसे डिपो की परिवहन सेवा का संचालन हो रहा है।