खटीमा। राजकीय शिक्षक संघ के प्रस्तावित प्रांतीय अधिवेशन में संयुक्त मंत्री पद के दावेदार प्रवक्ता विनोद कुमार जीना ने जिले के विभिन्न विद्यालयों का व्यापक जनसंपर्क कर शिक्षक साथियों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षक हितों, सार्वजनिक शिक्षा की चुनौतियों व संघ की भावी भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राजकीय शिक्षक संघ केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित न रहे बल्कि सार्वजनिक शिक्षा के मूल प्रश्नों को केंद्र में रखकर संघर्ष करे।
विनोद ने कहा कि शिक्षकों की समस्याएं केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं हैं बल्कि विद्यालयों, विद्यार्थियों और समाज की आवश्यकताओं से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। यदि समाज का वंचित और सामान्य वर्ग अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में भेजना बंद कर देगा तो सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के साथ शिक्षक संघ की प्रासंगिकता भी प्रभावित होगी।
अपने चुनावी आधार-पत्र में शामिल प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने शिक्षक समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने का भरोसा दिलाया। वहां संतोष कुमार, प्रमोद कुमार पांडे, मनीषा कल्पासी, मंजू राणा, आलोक सिंह, महेंद्र धामी, नरेंद्र रौतेला, डॉ. अच्युत कुमार सिंह, डॉ. हेमलता पाठक, ज्योति बिष्ट आदि थे।