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दूसरा जन्म: नारायण के नाम से जाना जाएगा नवीन, पिंडदान होने के कारण दोबारा हुआ नामकरण और शादी, जानिए पूरा मामला

Sat, 02 Dec 2023 02:18 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

मरा समझकर परिजनों ने 26 नवंबर को नवीन की जगह दूसरे युवक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। बुधवार को अचानक नवीन के जिंदा मिलने पर परिजनों के साथ ही गांव के लोग भी अचरज में पड़ गए। गुरुवार को नवीन भट्ट का दोबारा नामकरण हुआ।
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नवीन चंद्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खटीमा के श्रीपुर बिचुवा गांव में गुरुवार को नवीन भट्ट का दोबारा नामकरण हुआ। अब वह नारायण के नाम से जाना जाएगा। 

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मरा समझकर परिजनों ने 26 नवंबर को नवीन की जगह दूसरे युवक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। बुधवार को अचानक नवीन के जिंदा मिलने पर परिजनों के साथ ही गांव के लोग भी अचरज में पड़ गए। परिजन नवीन का पिंडदान कर चुके थे, जिस कारण गुरुवार को पंडित आनंद वल्लभ जोशी ने घर पर उसका दोबारा नामकरण किया। उसे नया नाम नरायण दत्त भट्ट दिया गया है।
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जनेऊ धारण करने के बाद उसका अपनी पत्नी रेखा के साथ दोबारा विवाह हुआ। गांव के लोगों का कहना है कि परिजन नवीन को मृत समझकर पिंडदान कर चुके थे, जिस कारण हिंदू मान्यताओं के अनुसार, नामकरण व विवाह आदि दोबारा किए गए। 
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जिस युवक की परिजनों  ने बनबसा में अंतिम संस्कार कर दिया था, उसके बारे में पुलिस को अभी तक कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है।  
  

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