रुद्रपुर में राष्ट्रीय सेमिनार
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रुद्रपुर। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. बीसी मेलकानी ने कहा कौशल विकास और प्रौद्योगिकी रूपांतरण रोजगार सृजन में सहायक है। आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार सृजन प्रेरक होते हैं। प्रो. मेलकानी सरदार भगत सिंह डिग्री कालेज स्थित दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र एवं एनएनजे आईटीआई के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के कौशल केंद्र सभागार में आयोजित ट्रांसफोर्मिंग इंडियन्स थ्रू स्किल डेवलेपमेेंट एंड टेक्नोलोजिकल एडवांसमेंट विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा भारतीय अर्थव्यवस्था को उत्पादक आयु समूह का लाभ तभी मिलेगा जब युवा कौशल में निपुण हो और उनकी कुशलता का समुचित उपयोग हो। कार्यशाला में दिल्ली विवि वाणिज्य विभाग के पूर्व प्रोफेसर और आईएमईसी प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ बीएस मोशाल ने कहा भारत ने विश्व में सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना ली है। उम्मीद है कि भारत शीघ्र ही विश्व की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा। वर्ष 2020 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा विनिर्माण केन्द्र बन जाएगा।
मुख्य वक्ता बरेली विवि के वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष प्रो राजकमल ने कहा जनसंख्या के सकारात्मक कारकों और उच्च गुणवत्ता वाले कार्यबल की सतत उपलब्धता से ही भारत विश्व अर्थव्यवस्था में अग्रसर होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के किशोर कुमार ने कहा रोजगार के नए अवसरों का सृजन कर बेरोजगारी की चिंता को दूर किया जा सकता है। नेशनल स्किल डेवलेपमेंट काउंसिल के नितिन जाम्ब ने कहा भारत को कौशल का वैश्विक केंद्र बनाने और रोजगार की समस्या के समाधान के लिए ही कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय स्थापित किया गया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डा. लीला मेहरा और संचालन डा. हरनाम सिंह ने किया। इस अवसर पर कॉन्फ्रेंस की स्मारिका और डॉ संतोष कुमार अनल द्वारा लिखित पुस्तक हिंदू-मुस्लिम रिलेशन इन इंडिया का विमोचन भी किया गया। इस दौरान दून यूनिवर्सिटी के प्रो. सुधांशु जोशी, डॉ किशन वीर सिंह शाक्य, डा. योगेश कुमार शर्मा, प्रो. अतुल जोशी, डॉ पुनीत कुमार द्विवेदी, डा. विनोद कुमार, डा. रंजना पटेल, गिरीश कुमार, डा. पीएन तिवारी, डा.चन्द्र प्रकाश, डा. डीडी जोशी आदि थे।