खटीमा में फल की ठेली लगाता राष्ट्रीय दिव्यांग खिलाड़ी अनीस।
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रुद्रपुर। आईपीएल की तर्ज पर दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बनाई गई इंडियन व्हीलचेयर क्रिकेट प्रीमियर लीग में उत्तराखंड की टीम से बल्लेबाजी करने वाले अनीस मुफलिसी की जिंदगी काट रहे हैं। कोरोना काल में उनकी फल की ठेली से आमदनी भी नहीं हो पा रही हैं।
खटीमा के झमौर निवासी राष्ट्रीय दिव्यांग खिलाड़ी अनीस के परिवार में आर्थिक दिक्कत होने के चलते उन्होंने सिर्फ इंटर तक पढ़ाई की। आधुनिक दौर में चलने के लिए उन्होंने कंप्यूटर कोर्स भी सीखा। इधर-उधर हाथ पैर मारने के बाद नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने गांव में ही फल की ठेली लगाने का फैसला किया था। पहले रोजोना 200 से 300 रुपये तक की बिक्री हो जाती थी लेकिन कोरोना काल में यह भी नहीं हो रही है। अनीस ने बताया कि बचपन में पोलियो की वजह से पांव खराब हो गए। क्रिकेट खेलने का शौक बचपन से ही होने पर उत्तराखंड व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में शामिल हुए। उसके बाद वर्ष 2018 में दिल्ली में डिसेबल स्पोर्टिंग सोसाइटी की ओर से आयोजित आईडब्ल्यूपीएल में खेला। इसमें उत्तराखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश व गुजरात की टीम ने प्रतिभाग किया था। उन्होंने उत्तराखंड की टीम से बल्लेबाजी की। वर्ष 2019 में ग्वालियर व वर्ष 2021 में दिल्ली में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट की त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लिया है। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उन्हें फल की ठेली लगानी पड़ रही है लेकिन कोरोना काल में फल भी नहीं बिक रहे हैं। इससे उन्हें बेहद दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।