पति की हत्या की साजिश रचने वाली महिला समेत चार हत्यारोपियों को द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में एक किशोर समेत दो आरोपी दोषमुक्त करार दिए गए हैं।
25 मई 2009 को कोतवाली पुलिस ने बसपा नेता हसीन खान की सूचना पर मानपुर रोड स्थित नौगजा कब्रिस्तान से एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। मृतक की शिनाख्त इंदिरा कॉलोनी (रुद्रपुर) निवासी नासिर पुत्र मुनव्वर के रूप में हुई थी। नासिर मोहल्ला पंजाबी सराय में रहकर एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था।
उसकी पत्नी नरगिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 9 जून 2009 को काशीपुर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए अगवानपुर (मुरादाबाद) निवासी शहनवाज और रोहतक (हरियाणा) निवासी मुराद अली को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी पंजाबी सराय में नासिर के घर के पास ही रहते थे। रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने के बाद नासिर का शव छिपाने की नीयत से कब्रिस्तान में फेंका गया था। पुलिस ने हत्यारोपी मुराद की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी भी बरामद की थी।
पुलिस की पड़ताल में शहनवाज के मृतक की पत्नी नरगिस के साथ प्रेम प्रसंग होने की बात सामने आई। पुलिस ने मामले में नरगिस, कांकरखेड़ा (मुरादाबाद) निवासी शाकिर व इस्लाम के अलावा एक किशोर को भी गिरफ्तार किया। किशोर को जुवेनाइल कोर्ट से दोषमुक्त कर दिया गया।
एडीजे तृतीय के न्यायालय से स्थानांतरण के बाद अन्य आरोपियों के खिलाफ वाद सुनवाई द्वितीय एडीजे की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एसआई जगत सिंह, विनय कुमार, एमबी सिंह, शकील, रेशमा, परवेज और मुनव्वर अली को परीक्षित कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर शासकीय अधिवक्ता संतोष नकवी ने की।
दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद द्वितीय एडीजे ओमकुमार ने मृतक की पत्नी नरगिस के अलावा शहनवाज, इस्लाम और मुराद को हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया। अदालत ने चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास के साथ ही दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। एक अन्य आरोपी शाकिर को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।